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सोलन ज़िला में स्थापित होगा हिम ईरा प्रीमियम शोरूम – संजय अवस्थी

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सोलन     दिनांक 18.04.2026

 

सोलन ज़िला में स्थापित होगा हिम ईरा प्रीमियम शोरूम – संजय अवस्थी

14.67 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाले स्लैब कल्वर्ट कार्य की रखी आधारशिला

गांव धोबटन में ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत सुनी जन समस्याएं

 

अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सोलन ज़िला में हिम ईरा प्रीमियम शोरूम स्थापित किया जाएगा। संजय अवस्थी आज अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत दाड़ला के गांव धोबटन में ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत जन समस्याएं सुनने के उपरांत उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे।

संजय अवस्थी ने इस अवसर पर दाड़लाघाट से गांव धोबटन तक रोगी वाहन योग्य सड़क मार्ग पर 14.67 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाले स्लैब कल्वर्ट कार्य की आधारशिला रखी।

विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सम्पर्क मार्ग आर्थिक उत्थान के साथ-साथ सामाजिक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सम्पर्क मार्ग, सुविधा युक्त विद्यालय, घर-द्वार के समीप चिकित्सा सहायता और उचित स्थान पर फसल बिक्री के लिए प्रयास कर रही है ताकि लोगों को सही समय पर सही सहायता मिल सके।

संजय अवस्थी ने कहा कि प्रदेश के दूर-दराज़ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की समस्याओं को शीघ्रता से सुलझाने और अधिकारियों की मौजूदगी में क्षेत्रों की ज़रूरतों को समयबद्ध पूरा करने के लिए सरकार आपके द्वार कार्यक्रम आरम्भ किया गया है।

विधायक ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं, शिकायतों व मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाने में पंचायत प्रतिनिधियों की अहम भागीदारी होती है। उन्होंने कहा कि योग्य प्रतिनिधि ही विकास की धारा को और आगे बढ़ाने में सहायक बनते हैं। उन्होंने ग्रामीणों का आह्वान किया कि समय पर योजनाओं का लाभ प्राप्त करने और समग्र विकास के लिए शिक्षित एवं योग्य प्रतिनिधि का चुनाव करें।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण आर्थिकी में स्वयं सहायता समूहों का विशेष योगदान हैं। स्वयं सहायता समूह जहां क्षेत्र विशेष में समूह के माध्यम से बेहतर आजीविका प्रदान करने में सक्षम हैं वहीं यह समूचे क्षेत्र की आर्थिकी में व्यापक बदलाव का ज़रिया भी बनते हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बिक्री के लिए उपयुक्त मंच एवं मूल्य प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार शिमला शहर में एक हिमाचल हाट और सोलन सहित चार अन्य स्थानों पर हिम ईरा प्रीमियम शोरूम स्थापित करेगी।

उन्होंने धोबटन गांव में मोक्षधाम में डंगा लगाने व अन्य कार्य के लिए 02 लाख रुपए, धोबटन व नौणी गांव के लिए 10-10 स्ट्रीट लाइट तथा धोबटन गांव में खेल मैदान के प्रारम्भिक निर्माण कार्य के लिए 01 लाख रुपए देने की घोषणा की।

संजय अवस्थी ने इस अवसर पर ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत समस्याएं सुनी और अधिकारियों को इनके समयबद्ध निपटारे के निर्देश दिए।

कांग्रेस अनुसूचित जाति व जन जाति ज़िला सोलन के अध्यक्ष सी.डी. बंसल, दी सोलन ज़िला सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता संघ सीमित के अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर, अम्बुजा-दाड़ला-कसलोग-मांगू परिवहन सहकारी सभा सीमित दाड़लाघाट के प्रधान वेद प्रकाश शुक्ला, बाघल लैंड लूजर परिवहन समिति दाड़लाघाट के प्रधान जगदीश ठाकुर, कांग्रेस पार्टी से लाला शंकर लाल, दलीप ठाकुर, मनोज गौतम, बाबू राम, उपमण्डलीय पुलिस अधिकारी दाड़लाघाट नवीन झाल्टा, उपमण्डलीय वन अधिकारी कुनिहार राज कुमार, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड अर्की के अधिशाषी अभियंता संदीप कुमार, जल शक्ति विभाग अर्की के अधिशाषी अभियंता विवेक कटोच, लोक निर्माण विभाग अर्की के अधिशाषी अभियंता कृष्ण कांत चौहान, तहसीलदार अर्की विपिन वर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, अन्य गणमान्य व्यक्ति व ग्रामवासी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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आणखी कथा

*सलोगड़ा के ‘डकेच’ गांव का गौरव: डॉ. रमेश कुमार अब बनाएंगे शोध के नए शिखर, HPU ने दी पीएचडी सुपरवाइज़र की मान्यता* राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय सोलन के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि रसायन विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रमेश कुमार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) द्वारा पीएचडी सुपरवाइज़र के रूप में मान्यता प्रदान की गई है । विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूची में नाम शामिल होने के साथ ही डॉ. कुमार अब रसायन विज्ञान के क्षेत्र में शोधार्थियों का मार्गदर्शन करने के लिए अधिकृत हो गए हैं ।शोध और अकादमिक क्षेत्र में बेमिसाल उपलब्धियांडॉ. रमेश कुमार का शैक्षणिक और शोध करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। उनकी विशेषज्ञता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि:उनके 20 शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित और उच्च-प्रभाव वाले पीयर-रिव्यूड जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं।वे 6 पुस्तकों के लेखक हैं और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में 35 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके हैं।डॉ. कुमार ने 30 से अधिक वेबिनार में सक्रिय भागीदारी की है और 10 से अधिक राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में रिसोर्स पर्सन के रूप में सेवाएं दी हैं।वैश्विक स्तर पर पहचान (Google Scholar आंकड़े)शोध की दुनिया में डॉ. कुमार का प्रभाव उनके ‘Google Scholar’ आंकड़ों से स्पष्ट होता है:Citations: उनके शोध कार्य को दुनिया भर में 850 से अधिक बार उद्धृत (cite) किया गया है।h-index: 15 | i10-index: 19उनके दो महत्वपूर्ण शोध पत्र, जो Journal of Colloid and Interface Science और Talanta जैसे प्रसिद्ध जर्नल्स में छपे हैं, व्यक्तिगत रूप से 100 से अधिक बार उद्धृत किए जा चुके हैं।माटी का लाल: सलोगड़ा से सफलता का सफरडॉ. रमेश कुमार मूलतः सोलन जिले के सलोगड़ा क्षेत्र के गांव डकेच से संबंध रखते हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (GSSS) सलोगड़ा से प्राप्त की। यह क्षेत्र के लिए विशेष उपलब्धि है क्योंकि वे अपने गांव के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने केमिस्ट्री में पीएचडी की और अब पीएचडी सुपरवाइज़र बनने का गौरव हासिल किया है।इस उपलब्धि पर कॉलेज प्रशासन, प्राध्यापक वर्ग और क्षेत्रवासियों में हर्ष की लहर है। सभी का मानना है कि डॉ. कुमार की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बनेगी।

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