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पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की मजबूत आधारशिला : मनमोहन शर्मा

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सोलन, 31 अगस्त 2026। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय सोलन के सभागार में विकास खंड नालागढ़ की 25 पंचायतों के नव निर्वाचित प्रधानों और उप-प्रधानों के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ।

इस अवसर पर उपायुक्त ने सभी नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य उन्हें पंचायतों से जुड़े अधिकारों और दायित्वों, कार्यप्रणाली तथा विभिन्न सरकारी विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण से प्रतिनिधियों को अपने पद से जुड़े कार्यों को प्रभावी और जिम्मेदारीपूर्वक पूरा करने में सहायता मिलेगी।

मनमोहन शर्मा ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की बुनियादी कड़ी हैं। गांवों में विकास कार्यों को गति देने, सरकारी योजनाओं को पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने और स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान करने में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।

उन्होंने प्रतिनिधियों से ग्रामीण विकास के लिए विभागों और स्थानीय स्तर पर आपसी तालमेल के साथ काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और लोगों की भागीदारी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि विकास कार्यों का अधिक प्रभावी लाभ ग्रामीण जनता को मिल सके।

उपायुक्त ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि लोगों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित स्तर पर उठाएं और विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का प्रयास करें। उन्होंने पंचायतों को सामाजिक विकास से जुड़े कार्यों पर भी विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर पुस्तकालय, आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक केंद्र जैसी सुविधाओं के विकास को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों का उचित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर के छोटे-मोटे विवादों का समाधान पंचायत स्तर पर ही कानून के प्रावधानों के अनुरूप करने का प्रयास किया जाना चाहिए, जिससे ग्रामीणों को त्वरित राहत मिल सके।

चार दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने पंचायत प्रतिनिधियों को हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज नियम, 1997 और हिमाचल प्रदेश पंचायती राज वित्त नियम, 2002 सहित कई विषयों की जानकारी दी। प्रशिक्षण में पंचायती राज व्यवस्था, पंचायतों के अधिकार एवं दायित्व, विकास योजनाओं के संचालन तथा वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अधिकारी सोलन जोगिन्द्र सिंह राणा, पंचायत निरीक्षक नितेश भाटिया, सेवानिवृत्त पंचायत निरीक्षक जयचंद कौशल और रमेश शर्मा ने भी पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों के बारे में जानकारी दी।

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