आईसीएफएआई दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का युवाओं को संदेश
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आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने की शिरकत
बोले—युवा नौकरी तलाशने के बजाय अवसर और समाधान विकसित करने की दिशा में बढ़ें
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से किया सम्मानित
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने बुधवार को सोलन जिले के बद्दी स्थित आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए। राज्यपाल ने 402 स्नातक विद्यार्थियों सहित पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय प्रशासन को बधाई दी।
राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि उनके व्यावसायिक और सामाजिक जीवन की नई शुरुआत का अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों को ईमानदारी, अनुशासन, ज्ञान, अच्छे चरित्र और जिम्मेदार आचरण को जीवन का आधार बनाने तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का दायरा केवल डिग्री हासिल करने और रोजगार पाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल, शोध की प्रवृत्ति, नवाचार, उद्यमिता और मजबूत चरित्र का विकास होना आवश्यक है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से युवाओं को ऐसे अवसर उपलब्ध कराने का आग्रह किया, जिससे वे नौकरी के इच्छुक बनने के साथ-साथ नए अवसर और समस्याओं के व्यावहारिक समाधान तैयार करने में सक्षम बनें।
राज्यपाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल तकनीक और वैज्ञानिक क्षेत्र में हो रहे तेज बदलावों का प्रभाव रोजगार तथा काम करने के पारंपरिक तरीकों पर पड़ रहा है। ऐसे समय में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ तार्किक एवं गंभीर चिंतन, रचनात्मक सोच, संवेदनशीलता, सहानुभूति और नैतिक मूल्यों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी।
उन्होंने स्नातकों से अपनी शिक्षा और प्रतिभा को व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित न रखने तथा समाज और देश के हित में उसका उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, नशामुक्त समाज और सामाजिक एकजुटता जैसे क्षेत्रों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
श्री गुप्ता ने विश्वास जताया कि आईसीएफएआई विश्वविद्यालय ज्ञान, नवाचार और कौशल आधारित शिक्षा के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान आगे भी जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि ज्ञान व्यक्ति को सही दिशा प्रदान करता है, चरित्र उसे ऊंचाई तक ले जाता है और समाज की सेवा जीवन को सार्थक बनाती है।
राज्यपाल ने सभी स्नातकों को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वे अपनी शिक्षा एवं उपलब्धियों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
समारोह से पूर्व राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में रुद्राक्ष का पौधा भी लगाया।
आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. बी.एन. राज ने राज्यपाल का स्वागत किया और विद्यार्थियों को डिग्री प्रमाण-पत्र तथा रजत पदक प्रदान किए। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केशव शर्मा ने भी राज्यपाल का अभिनंदन किया और संस्थान की प्रगति से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की।
समारोह में विधायक राम कुमार चौधरी, उपायुक्त मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक विनोद धीमान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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