हिमाचल में ड्रोन से पहुंचेगी डाक, मंडी-शिमला में सफल रहा परीक्षण
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हिमाचल प्रदेश में डाक पहुंचाने की व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। अब दुर्गम क्षेत्रों में डाक पार्सल पहुंचाने के लिए ड्रोन का सहारा लिया जा रहा है। डाक विभाग ने मंडी और शिमला में ड्रोन के माध्यम से एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे पोस्ट ऑफिस तक पार्सल भेजने का परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
पायलट प्रोजेक्ट के बाद अब प्रदेश के करीब 110 स्थानों और रूट्स को ड्रोन डाक सेवा से जोड़ने की तैयारी है। फिलहाल मंडी और शिमला में ड्रोन का संचालन किया जा रहा है। इनमें करीब सात से दस किलोग्राम तक वजन वाले डाक पार्सल एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजे जा रहे हैं।
मंडी में परीक्षण के दौरान चार ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। सफल परिणाम मिलने के बाद इनका नियमित डाक सेवा के लिए भी उपयोग किया जा रहा है। हिमाचल में ड्रोन आधारित पार्सल डिलीवरी की शुरुआत मुख्य रूप से मंडी से हुई है और आने वाले समय में इसे प्रदेश के अन्य विधानसभा क्षेत्रों तक विस्तारित करने की योजना है। यह सेवा स्काई एयर मोबिलिटी के सहयोग से संचालित की जा रही है।
घंटों का काम कुछ मिनटों में
ड्रोन सेवा का सबसे बड़ा फायदा डाक पहुंचाने में लगने वाले समय में कमी है। जिस डिलीवरी में पहले काफी समय, यहां तक कि पूरा दिन लग सकता था, उसे अब करीब सात से दस मिनट में पूरा किया जा रहा है। ड्रोन के दोनों सिरों पर ऑपरेटर तैनात किए जाते हैं, ताकि उड़ान और डिलीवरी की प्रक्रिया को नियंत्रित किया जा सके।
डाक विभाग के अनुसार, इन ड्रोन के जरिए लगभग पांच से 80 किलोमीटर तक की दूरी में पार्सल भेजे जा सकते हैं। सामान्य परिस्थितियों में डिलीवरी का समय करीब पांच से 15 मिनट के बीच रहता है।
करीब 17 हजार रुपये मासिक किराया
डाक पार्सल पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे एक ड्रोन का मासिक किराया लगभग 17 हजार रुपये बताया जा रहा है। हालांकि खराब मौसम, विशेषकर भारी बारिश के दौरान ड्रोन का संचालन फिलहाल रोक दिया जाता है।
आने वाले समय में इस तकनीक को प्रदेश के अधिक क्षेत्रों तक पहुंचाने की तैयारी है। इससे पहाड़ी और दूरदराज के इलाकों में डाक पार्सल की डिलीवरी पहले की तुलना में अधिक तेज होने की उम्मीद है।
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