परवाणू में पानी को लेकर विवाद
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आपदा के बीच परवाणू में पानी को लेकर तनातनी, आईएचएसडीपी कॉलोनी में किराएदारों और स्थानीय लोगों में कहासुनी
परवाणू: काजल। प्राकृतिक आपदा के कारण पैदा हुए पेयजल संकट के बीच परवाणू के सेक्टर-4 स्थित आईएचएसडीपी कॉलोनी में पानी भरने को लेकर विवाद सामने आया है। क्षेत्र में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से कई परिवार पानी की कमी से जूझ रहे हैं। नगर परिषद की ओर से टैंकरों के जरिए पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है, लेकिन सीमित पानी के बीच वितरण को लेकर स्थानीय निवासियों और किराएदारों में शनिवार को विवाद हो गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ किराएदार पानी की सप्लाई के दौरान सीधे मोटर का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे पानी का दबाव प्रभावित होने के कारण ऊपरी मंजिलों में रहने वाले परिवारों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर आईएचएसडीपी कॉलोनी में काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच बहस होती रही।
32 टैंकरों से मुख्य टैंक भरने की कवायद
सेक्टर-4 के चेयरमैन ठाकुर दास ने बताया कि पेयजल समस्या को देखते हुए राहत और आपूर्ति व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। शुक्रवार को सभी बैरियरों में पानी पहुंचाने के बाद शनिवार को मुख्य टैंक को भरने के लिए 32 विशेष टैंकर लगाए गए। इनमें 29 टैंकर पानी सप्लाई व्यवस्था में लगाए गए, जबकि तीन अन्य टैंकरों से मुख्य टैंक भरने का काम किया जा रहा था।
उन्होंने कहा कि उपलब्ध पानी को व्यवस्थित ढंग से वितरित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक परिवारों को राहत मिल सके।
मोटर चलाने को लेकर बढ़ी नाराजगी
कॉलोनी के स्थायी निवासियों का कहना है कि उन्होंने किराएदारों से कुछ समय के लिए डायरेक्ट मोटर और पाइप का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की थी। उनका कहना है कि पानी का प्रेशर बेहतर होने की स्थिति में यदि मोटर का इस्तेमाल रोक दिया जाए तो घरों की टंकियां भर सकती हैं और ऊपरी मंजिलों तक भी पानी पहुंच सकता है।
आरोप है कि अपील के बावजूद कुछ स्थानों पर मोटरें चलाई गईं। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि पानी की कमी के बावजूद कुछ परिवारों ने ड्रम और अन्य बर्तनों में पानी जमा करने के साथ कपड़े धोने और सफाई जैसे कामों में भी पानी इस्तेमाल किया। इससे पहले से परेशान परिवारों में नाराजगी बढ़ गई।
ब्लॉक नंबर-4 में हुआ विवाद
विवाद विशेष रूप से ब्लॉक नंबर-4 के बी-4 कमरे के आसपास बताया जा रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, वहां किराए पर रहने वाली एक महिला द्वारा सीधे मोटर से पानी खींचने का आरोप है। पड़ोसियों ने मोटर हटाने और पानी की पाइप को साझा करने का आग्रह किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई।
ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले परिवारों की परेशानी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि निचली मंजिलों से मोटर के जरिए पानी खींचे जाने पर तीसरी और चौथी मंजिल पर रहने वाले परिवारों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि आपदा के समय सभी लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि सीमित संसाधनों में किसी परिवार को परेशानी न उठानी पड़े।
कॉलोनी के मूल खरीदारों ने प्रशासन और सेक्टर-4 के चेयरमैन ठाकुर दास से मांग की है कि पेयजल संकट के दौरान पानी की कथित बर्बादी और सीधे मोटर के जरिए पानी खींचने की शिकायतों की जांच करवाई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के इस मुश्किल समय में पानी को लेकर आपसी विवाद के बजाय सभी को सहयोग और संयम से काम लेना चाहिए, ताकि उपलब्ध पेयजल का उचित इस्तेमाल हो और हर जरूरतमंद परिवार तक पानी पहुंच सके।
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