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सोलन में सब्जी फसलों पर सीज़न-लॉन्ग प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान दैनिक गतिविधियाँ जारी

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सोलन में सब्जी फसलों पर सीज़न-लॉन्ग प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान दैनिक गतिविधियाँ जारी

केन्द्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र (CIPMC), सोलन द्वारा 13.01.2026 से 18.01.2026 तक सब्ज़ियों पर सीज़न लॉन्ग प्रशिक्षण कार्यक्रम (SLTP) के अंतर्गत विभिन्न तकनीकी एवं क्षेत्रीय गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य प्रतिभागियों की एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन (IPM), वनस्पति संरक्षण, कीटनाशकों के सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग, जैव-नियंत्रण तकनीकों तथा निर्यात उन्मुख वनस्पति संगरोध (PLANT QUARANTINE) गतिविधियों के संबंध में तकनीकी क्षमता को सुदृढ़ करना था।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. नीलम चौधरी, संयुक्त निदेशक एवं प्रभारी, क्षेत्रीय वनस्पति संगरोध स्टेशन (RPQS), अमृतसर द्वारा आरपीक्यूएस, अमृतसर में संचालित वनस्पति संगरोध से संबंधित गतिविधियों पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश से ताज़ी सब्ज़ियों एवं फलों के निर्यात की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापार में फाइटो सैनिटरी मानकों के अनुपालन के महत्व को रेखांकित किया।

डॉ. अजय शर्मा, सहायक प्रोफेसर, कीट विज्ञान विभाग, डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय (यूएचएफ), नौणी द्वारा कीटनाशी प्रतिरोध प्रबंधन (PESTICIDE RESISTANCE MANAGEMENT) पर एक तकनीकी व्याख्यान दिया गया, जो सब्ज़ी फसलों में कीटों में प्रतिरोध की समस्या के प्रभावी प्रबंधन हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ।

डॉ. नरसी रेड्डी, सहायक निदेशक (कीट विज्ञान), वनस्पति संरक्षण, संगरोध एवं भंडारण निदेशालय (DPPQS), फरीदाबाद द्वारा कई ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी व्याख्यान दिए गए। उनके व्याख्यानों में सब्ज़ियों में कीट प्रबंधन हेतु जैव-नियंत्रण कारकों के उपयोग तथा कीटनाशकों के प्रयोग से जुड़े विभिन्न पारिस्थितिक पहलुओं पर विशेष बल दिया गया, जिससे पर्यावरण अनुकूल एवं सतत नाशीजीव प्रबंधन को प्रोत्साहन मिला।

व्यावहारिक प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रतिभागियों के लिए डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के प्राकृतिक खेती क्षेत्रों एवं सब्ज़ी फार्मों का विशेष क्षेत्र भ्रमण आयोजित किया गया। इस दौरान सब्ज़ी खेतों में एईएसए (AGRO-ECOSYSTEM ANALYSIS) चार्ट निर्माण की समूह गतिविधियाँ करवाई गईं, जिससे प्रतिभागियों की क्षेत्र स्तर पर अवलोकन एवं निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि हुई। ये गतिविधियाँ डॉ. वी. डी. निगम, उप निदेशक (कीट विज्ञान), डॉ. नरसी रेड्डी, सहायक निदेशक (कीट विज्ञान) तथा डॉ. स्वरूप कुमार, प्रभारी, सीआईपीएमसी, सोलन के मार्गदर्शन में संपन्न हुईं।

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