भारत-स्विट्जरलैंड डील: 100 अरब डॉलर निवेश, 10 लाख नौकरियां
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भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को मिलेगी नई दिशा, 100 अरब डॉलर निवेश का लक्ष्य
भारत और स्विट्जरलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापार से आगे बढ़ाकर निवेश, रक्षा, परमाणु ऊर्जा, निर्यात और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों तक विस्तार देने पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाई पार्मेलिन के बीच हुई बातचीत में दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
दोनों पक्षों का लक्ष्य भारत में स्विस निवेश बढ़ाने के साथ-साथ स्विट्जरलैंड के बाजार में भारतीय उत्पादों की पहुंच को मजबूत करना है। फिलहाल इंजीनियरिंग, सेवाओं, रसायन और फार्मा जैसे क्षेत्रों में 330 से ज्यादा स्विस कंपनियां भारत में कारोबार कर रही हैं। वहीं, भारतीय कंपनियों की मौजूदगी स्विट्जरलैंड में आईटी, दवा और मशीनरी जैसे क्षेत्रों में है।
भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के सदस्य देशों—आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड—के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता (TEPA) लागू होने से व्यापार और निवेश के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे निवेश, नवाचार, रोजगार और आर्थिक विकास को गति देने वाला महत्वपूर्ण ढांचा बताया।
प्रधानमंत्री के अनुसार, इस समझौते के जरिए अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में काम किया जाएगा।
भारत-स्विट्जरलैंड साझेदारी में नवाचार, आधुनिक बुनियादी ढांचे और उन्नत तकनीक को महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। दोनों देश इन क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देने के साथ-साथ भारतीय निर्यात के लिए स्विस बाजार में बेहतर पहुंच बनाने पर भी काम करेंगे।
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