छह माह से राशन नहीं लेने वाले कार्डों की होगी जांच, सत्यापन के बाद ही कार्रवाई
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले लाभार्थियों के राशन कार्डों की समीक्षा की जाएगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग छह महीने या उससे अधिक समय से राशन न लेने वाले कार्डों का विवरण जुटाने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।
विभाग ने जिलों में तैनात खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षकों को उचित मूल्य की दुकानों (राशन डिपुओं) से संबंधित रिकॉर्ड प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं। इन आंकड़ों के आधार पर ऐसे राशन कार्डों की पहचान की जाएगी, जिन पर लगातार छह माह से खाद्यान्न का उठाव नहीं हुआ है।
हालांकि, केवल लंबे समय तक राशन न लेने के आधार पर किसी परिवार को अपात्र नहीं माना जाएगा। विभाग यह भी पता लगाएगा कि राशन नहीं लेने के पीछे वास्तविक कारण क्या है। संभव है कि परिवार के सदस्य किसी दूसरे स्थान पर रह रहे हों, कुछ समय के लिए प्रदेश से बाहर गए हों या किसी अन्य वजह से राशन का लाभ नहीं लिया हो।
जांच के दौरान लाभार्थियों का आधार आधारित क्रॉस-मैच भी किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसे मामलों का पता लगाना है, जहां किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर राशन संबंधी रिकॉर्ड में दर्ज हो। यदि डुप्लीकेट प्रविष्टि सामने आती है, तो संबंधित रिकॉर्ड की अलग से जांच की जाएगी।
विभागीय प्रक्रिया में सत्यापन को अहम चरण रखा गया है। रिकॉर्ड की जांच पूरी होने और पात्रता की पुष्टि के बाद ही किसी राशन कार्ड को अस्थायी रूप से बंद करने या अन्य कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक और पात्र परिवारों को उनके राशन के अधिकार से वंचित न होना पड़े।
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