परिवार पहचान का BPL सूची पर असर नहीं
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परिवार पहचान अभियान का बीपीएल सूची पर नहीं होगा असर
चिह्नित पात्र परिवारों को ‘मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ से जोड़ा जाएगा
प्रदेश सरकार ने परिवार पहचान प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की, बीपीएल सूची में नाम जोड़ने या हटाने की जिम्मेदारी ग्राम सभा के पास ही रहेगी
प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में परिवारों की पहचान के लिए चलाए जा रहे अभियान को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किया है। ग्रामीण विकास विभाग ने साफ किया है कि 19 मार्च, 2025 से शुरू हुई परिवार पहचान प्रक्रिया को बीपीएल परिवारों के चयन या बीपीएल सूची में संशोधन की प्रक्रिया नहीं माना जाएगा।
इस संबंध में विभाग की ओर से 11 सितंबर, 2026 को सचिव, निदेशक ग्रामीण विकास विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। नए निर्णय के अनुसार परिवार पहचान अभियान में किसी परिवार के चिह्नित होने से उसका नाम स्वत: बीपीएल सूची में शामिल नहीं होगा। इसी तरह केवल इस प्रक्रिया के आधार पर किसी परिवार को बीपीएल सूची से हटाया भी नहीं जाएगा।
मौजूदा बीपीएल परिवारों की स्थिति यथावत
सरकार के निर्णय के बाद वर्तमान बीपीएल सूची में शामिल परिवारों की स्थिति में इस अभियान के कारण कोई बदलाव नहीं होगा। भविष्य में बीपीएल सूची में किसी परिवार का नाम जोड़ने अथवा हटाने का फैसला ग्राम सभा द्वारा निर्धारित सरकारी नियमों और प्रक्रिया के तहत ही किया जाएगा।
यानी परिवारों की पहचान का अभियान और बीपीएल सूची तैयार करने या उसमें बदलाव करने की प्रक्रिया अब दो अलग-अलग प्रक्रियाएं होंगी।
पहचान अभियान को नई योजना से जोड़ा गया
ग्रामीण विकास विभाग ने बताया कि 19 मार्च, 2025 से परिवार पहचान का काम चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा था। इस दौरान अलग-अलग चरणों के लिए विभाग की ओर से समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए गए। अंतिम चरण को लेकर भी 21 अगस्त, 2026 को निर्देश जारी हुए थे।
अब सरकार ने इस पहचान प्रक्रिया को समाप्त करने के बजाय इसके माध्यम से सामने आए पात्र परिवारों को ‘मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ से जोड़ने का फैसला किया है।
पहले से आठवें चरण तक चिह्नित परिवारों के अलावा 21 अगस्त, 2026 के निर्देशों के तहत अंतिम चरण में चिन्हित किए जाने वाले पात्र परिवार भी योजना के दायरे में लाए जाएंगे।
चिह्नित होना लाभ की गारंटी नहीं
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि परिवार का पहचान प्रक्रिया में चिह्नित होना अपने आप योजना का लाभ मिलने की पुष्टि नहीं है। चिह्नित परिवारों का निर्धारित नियमों के अनुसार सत्यापन किया जाएगा।
सत्यापन के दौरान पात्र पाए जाने वाले परिवारों की जानकारी योजना के लाभार्थी डेटाबेस में दर्ज की जाएगी। इसके बाद उन्हें योजना की निर्धारित पात्रता और राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार लाभ दिया जाएगा।
बीपीएल सूची के लिए पुरानी व्यवस्था लागू
विभाग ने 19 मार्च, 2025 के मूल आदेश और उसके बाद जारी संबंधित पत्रों व निर्देशों को मंत्रिमंडल के फैसले के अनुरूप संशोधित माना है।
अब परिवार पहचान प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य पात्र परिवारों को सरकारी कल्याणकारी योजना से जोड़ना होगा। वहीं बीपीएल सूची में नाम शामिल करने या हटाने के लिए पहले से निर्धारित ग्राम सभा की प्रक्रिया ही लागू रहेगी।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
ग्रामीण विकास विभाग ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकार के फैसले की जानकारी देने को कहा है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि परिवार पहचान अभियान को किसी भी स्तर पर बीपीएल परिवारों के चयन या बीपीएल सूची में बदलाव की प्रक्रिया के रूप में प्रचारित न किया जाए।
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