डगवांस की रात देव-डायन संग्राम, नाग पंचमी पर परिणाम
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डगवांस की रात शुरू हुआ देव-डायन संग्राम, नाग पंचमी पर परिणाम की घोषणा का इंतजार
छोटी काशी मंडी के पुरानी मंडी क्षेत्र स्थित माता महाकाली मंदिर में 62वें जागरण का आयोजन श्रद्धा और धार्मिक आस्था के माहौल में हुआ। इस दौरान देवताओं और डायनों के बीच होने वाले कथित युद्ध से जुड़ी लोकपरंपरा भी श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी रही।
मान्यता के अनुसार बुधवार को डगवांस यानी डायन वांस की रात से देवताओं और डायनों के बीच संघर्ष शुरू होता है। जागरण के दौरान गुरवाणी के माध्यम से श्रद्धालुओं को इस परंपरा से जुड़े युद्ध की मौजूदा स्थिति के बारे में बताया गया। गुरवाणी में कहा गया कि इस समय संघर्ष में डायनों का पक्ष मजबूत बताया जा रहा है।
इस धार्मिक मान्यता के अनुसार युद्ध का अंतिम परिणाम नाग पंचमी के दिन घोषित किया जाएगा। गुरवाणी के जरिए यह जानकारी सामने आने के बाद मंदिर में मौजूद लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई। अब श्रद्धालुओं की निगाहें नाग पंचमी के दिन होने वाली घोषणा पर टिकी हैं।
जागरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालु देर रात तक मंदिर परिसर में मौजूद रहे। भक्तों ने माता महाकाली के दरबार में माथा टेककर अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। इस दौरान लगातार माता के जयकारे गूंजते रहे, जिससे मंदिर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
रात्रि करीब 12 बजे माता का विशेष जाग आयोजित किया गया। इसके बाद भजन-कीर्तन का सिलसिला शुरू हुआ, जो रातभर जारी रहा। भजन मंडली ने माता की महिमा का गुणगान करते हुए विभिन्न धार्मिक गीत प्रस्तुत किए। श्रद्धालुओं ने भी भजनों में सहभागिता की और जयकारों के साथ अपनी आस्था प्रकट की।
डगवांस की रात से जुड़े देव-डायन युद्ध की इस लोकमान्यता में गुरवाणी के माध्यम से फिलहाल डायनों का पलड़ा भारी बताए जाने के बाद नाग पंचमी को लेकर लोगों में विशेष जिज्ञासा है। श्रद्धालु अब यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि उस दिन इस धार्मिक परंपरा में संघर्ष का अंतिम परिणाम क्या बताया जाता है।
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