सरसा नदी प्रदूषण पर NGT सख्त
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सरसा नदी प्रदूषण मामले में एनजीटी सख्त, हिमाचल सरकार समेत संबंधित पक्षों को नोटिस
बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले औद्योगिक कचरे और सीवेज के कारण सरसा नदी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने संज्ञान लिया है। रोपड़ के विधायक दिनेश चड्डा की ओर से दायर याचिका पर 9 सितंबर को सुनवाई करते हुए एनजीटी की प्रधान पीठ ने हिमाचल प्रदेश सरकार सहित संबंधित प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर को निर्धारित की गई है।
याचिका में कहा गया है कि बीबीएन क्षेत्र की फार्मा और अन्य औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला अनुपचारित या पूरी तरह उपचारित न किया गया अपशिष्ट नालों और जलधाराओं के माध्यम से सरसा नदी में पहुंच रहा है। इसके चलते नदी के पानी की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और आसपास के क्षेत्रों में दुर्गंध तथा प्रदूषण की समस्या भी सामने आ रही है।
याचिका के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला सीवेज और ठोस कचरा भी प्राकृतिक जल स्रोतों में डाले जाने का आरोप है। प्रदूषित पानी सरसा नदी के जरिए आगे पंजाब की ओर बहता हुआ सतलुज नदी तक पहुंचने की बात भी याचिका में कही गई है।
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने प्रारंभिक तौर पर इसे पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन से जुड़ा गंभीर विषय माना। इसके बाद संबंधित प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए। पीठ ने याचिकाकर्ता को नोटिस की विधिवत तामील कराने और अगली सुनवाई से कम से कम सात दिन पहले इस संबंध में शपथपत्र दाखिल करने को भी कहा है।
विधायक दिनेश चड्डा के मुताबिक, उन्होंने हाल ही में हिमाचल और हरियाणा की सीमा से जुड़े इलाकों का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने वहां कूड़े-कचरे और प्रदूषण से जुड़ी समस्याओं का जायजा लिया।
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