एमएसएमई एवं युवाओं के लिए जागरूकता कार्यशाला आयोजित
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सोलन, 01 अगस्त 2026
एमएसएमई, स्वयं सहायता समूहों और युवाओं के लिए क्षमता विकास एवं जागरूकता कार्यशाला संपन्न
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के रैम्प कार्यक्रम तथा हिमाचल प्रदेश उद्योग विभाग के संयुक्त सहयोग से आज सोलन में एमएसएमई इकाइयों, स्वयं सहायता समूहों, नवोदित उद्यमियों और स्नातक विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय जागरूकता एवं क्षमता विकास कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र सोलन के प्रबंधक विनय वर्मा ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाओं का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों और युवाओं को डिजिटल तकनीकों, सरकारी खरीद प्रक्रियाओं, स्वरोजगार योजनाओं तथा आधुनिक व्यावसायिक प्रबंधन से जोड़ना है, ताकि वे बदलते कारोबारी परिवेश में अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बन सकें।
उन्होंने बताया कि गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM), केंद्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल (CPPP) तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का प्रभावी उपयोग उद्यमों के विकास, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में उद्योग विभाग के अभिलकाश लाउ और संजय शर्मा ने प्रतिभागियों को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस तथा केंद्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली, विक्रेता पंजीकरण, निविदा प्रक्रिया, सरकारी खरीद में भागीदारी तथा डिजिटल माध्यम से व्यवसाय विस्तार के विभिन्न पहलुओं पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया और प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
नीति विशेषज्ञ सर्वेश शर्मा के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण के दौरान चार नए विक्रेताओं का गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस पर सफल पंजीकरण कराया गया।
शूलिनी विश्वविद्यालय के ऋषभ श्याम ने उद्यमिता, नवाचार, डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स और व्यवसाय विस्तार की आधुनिक रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने प्रतिभागियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और ऑनलाइन विपणन के प्रभावी उपयोग के माध्यम से अपने उत्पादों एवं सेवाओं की व्यापक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद कर सरकारी योजनाओं, डिजिटल मार्केटिंग, ई-प्रोक्योरमेंट और व्यवसाय विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की तथा अपने प्रश्नों के उत्तर हासिल किए।
इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित लगभग 70 प्रतिभागी, एमएसएमई इकाइयों के प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों के सदस्य, नवोदित उद्यमी तथा स्नातक विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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