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जल शक्ति विभाग में डिजिटल गवर्नेंस और ई-ऑफिस व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर

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सोलन, 15 जुलाई 2026

हिमाचल प्रदेश के जल शक्ति विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य पेयजल और सिंचाई योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की प्राप्ति में डिजिटल गवर्नेंस महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

डॉ. जैन कसौली में जल शक्ति विभाग के शिमला ज़ोन द्वारा आयोजित ‘डिजिटल गवर्नेंस एवं अनुबंध प्रबंधन’ विषयक एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि विभाग प्रशासनिक कार्यों में आधुनिक तकनीक के उपयोग को लगातार बढ़ावा दे रहा है, जिससे कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तेज़ बनी है।

उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने से फाइलों का निस्तारण, अनुबंध प्रबंधन और विभागीय संचार अब डिजिटल माध्यम से संचालित हो रहे हैं। विभाग के सभी अधिशाषी अभियंता कार्यालय इस प्रणाली से जुड़ चुके हैं और अब सहायक अभियंता कार्यालयों को भी अगले 15 दिनों के भीतर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रधान सचिव ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, अनुबंध प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना, परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाना तथा तकनीक आधारित कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल और सिंचाई योजनाओं के संचालन में स्थानीय समुदाय और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए ताकि योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का समय रहते समाधान हो सके। साथ ही जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए बावड़ियों, तालाबों, कुओं और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण एवं नियमित निरीक्षण पर भी बल दिया।

डॉ. जैन ने अधिकारियों से जल स्रोतों के निरीक्षण की रिपोर्ट ईमेल के माध्यम से नियमित रूप से भेजने, पंचायत बैठकों में भाग लेने तथा उपभोक्ताओं की शिकायतों का अधिकतम 10 दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले फील्ड कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया।

कार्यशाला में केंद्रीय जल शक्ति आयोग, चंडीगढ़ के मुख्य अभियंता ए.के. गुप्ता और जल शक्ति विभाग, शिमला क्षेत्र के मुख्य अभियंता मुकेश हीरा ने विभागीय गतिविधियों और योजनाओं की जानकारी साझा की।

इसके अलावा विभिन्न अधीक्षण अभियंताओं ने परियोजना वित्तपोषण, अवसंरचना विकास, प्रशासनिक पुनर्गठन, कार्यप्रवाह के आधुनिकीकरण, पर्यावरणीय संरक्षण, वन भूमि प्रशासन, अनुबंध प्रबंधन, परियोजनाओं के क्रियान्वयन, डिजिटल हस्तक्षेप तथा रेडी-एच.पी. परियोजना जैसे विषयों पर विस्तार से प्रस्तुतियां दीं।

इस कार्यशाला में शिमला, सिरमौर, सोलन, किन्नौर और लाहौल-स्पीति क्षेत्रों के अधीक्षण, अधिशाषी एवं सहायक अभियंताओं ने भाग लेकर डिजिटल प्रशासन और विभागीय सुधारों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

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