समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश एवं भारती एयरटेल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में सोलन में ‘माइंडफुलनेस आधारित जीवन कौशल’ पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित
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समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश एवं भारती एयरटेल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में सोलन में ‘माइंडफुलनेस आधारित जीवन कौशल’ पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित

सोलन, 16–17 अप्रैल 2026: भारती एयरटेल फाउंडेशन द्वारा समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश के सहयोग से सोलन में ‘माइंडफुलनेस आधारित जीवन कौशल’ पाठ्यक्रम के अंतर्गत दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला दो दिन 16 व 17 अप्रैल 2026 को आयोजित की जा रही है।
इस कार्यशाला में जिले के 10 खंडों से 20 संसाधन व्यक्तियों (Resource Persons), 26 पार्टनर विद्यालयों के प्रधानाचार्यों तथा 10 खंडों के खंड परियोजना अधिकारियों (BPOs) ने भाग लिया। प्रतिभागी आगामी समय में कक्षा 6 से 12 तक इस कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अपने-अपने क्षेत्रों में भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु भारती एयरटेल फाउंडेशन द्वारा आवश्यक तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि उप निदेशक, स्कूल शिक्षा (माध्यमिक), सोलन श्री गोपाल चौहान द्वारा किया गया।
इस अवसर पर DIET सोलन से श्रीमती बबीता ठाकुर (Evaluation Expert) एवं श्री हरि सिंह (District Life Skill Coordinator) भी उपस्थित रहे। भारती एयरटेल फाउंडेशन की ओर से श्री परवीन चौधरी (Regional Head) तथा श्री संदीप गुप्ता (Program Coordinator, Himachal Pradesh) भी उपस्थित रहे।
‘Strengthening Teaching, Learning and Results for States (STARS)’ परियोजना के अंतर्गत समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश ने अगस्त 2023 में इस पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु भारती एयरटेल फाउंडेशन के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) किया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में भावनात्मक जागरूकता, आलोचनात्मक चिंतन, सहानुभूति तथा लचीलापन जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशल विकसित करना है, जिससे उनका समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।
SCERT हिमाचल प्रदेश के तकनीकी मार्गदर्शन में इस पाठ्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया तथा 24 मई 2025 को माननीय शिक्षा मंत्री श्री रोहित ठाकुर द्वारा इसका औपचारिक शुभारंभ किया गया।
यह पहल शिक्षकों को आवश्यक दृष्टिकोण एवं शैक्षणिक उपकरण प्रदान कर कक्षा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ विद्यार्थियों को भावनात्मक रूप से सशक्त, आत्मविश्वासी एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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