एशिया को सस्ता कच्चा तेल देगा सऊदी अरब, यूरोप के लिए कीमतों में बढ़ोतरी
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
सऊदी अरब ने नवंबर के लिए एशियाई बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी कटौती की है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी यूरोप और भूमध्यसागरीय बाजारों के लिए कीमतें बढ़ा दी गई हैं। सऊदी अरामको की ओर से जारी नई प्राइसिंग के मुताबिक, एशिया के लिए ‘अरब लाइट’ क्रूड की आधिकारिक बिक्री कीमत (OSP) में 3 डॉलर प्रति बैरल की कमी की गई है।
इस बदलाव के बाद अरब लाइट की कीमत ओमान और दुबई के औसत बेंचमार्क से करीब 5 डॉलर प्रति बैरल कम हो जाएगी। यह जून 2020 के बाद एशियाई खरीदारों के लिए सबसे बड़ी छूट मानी जा रही है। खास बात यह है कि इससे पहले पश्चिम एशियाई तेल बेंचमार्क में मजबूती के आधार पर नवंबर की कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही थी।
अरामको ने भारी ग्रेड के कच्चे तेल की कीमतों में भी कटौती की है। एशियाई ग्राहकों के लिए नवंबर में ‘अरब मीडियम’ और ‘अरब हेवी’ की OSP में 5 डॉलर प्रति बैरल की कमी की गई है।
महंगे टैंकर किराए ने बढ़ाई एशियाई रिफाइनरियों की मुश्किल
मध्य पूर्व में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण समुद्री रास्ते से कच्चा तेल पहुंचाने की लागत काफी बढ़ गई है। फारस की खाड़ी से चीन तक तेल ले जाने वाले बड़े टैंकरों का किराया पिछले साल लगभग 80 हजार डॉलर प्रतिदिन था, जो अब बढ़कर करीब 12 लाख डॉलर प्रतिदिन तक पहुंच गया है।
इस बढ़े हुए परिवहन खर्च का असर एशियाई रिफाइनरियों पर पड़ रहा है। ऐसे में सऊदी अरामको की ओर से कीमतों में कटौती को खरीदारों पर बढ़ते मालभाड़े का दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत की IOC और BPCL जैसी रिफाइनरियां भी इस बाजार का हिस्सा हैं।
सऊदी अरब के लिए एशियाई बाजार को बनाए रखना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि रूस और ईरान पहले से ही भारत और चीन जैसे बड़े तेल आयातकों को आकर्षक छूट पर कच्चा तेल उपलब्ध करा रहे हैं। ऐसे माहौल में सऊदी की कीमत कटौती का उद्देश्य एशियाई ग्राहकों को प्रतिस्पर्धी दर पर तेल उपलब्ध कराकर अपनी बाजार हिस्सेदारी को सुरक्षित रखना माना जा रहा है।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space





