खस्ताहाल बस के सहारे शिमला-पठानकोट सफर, सीटों की हालत पर उठे सवाल
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हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के कई डिपो में पुरानी बसों की स्थिति यात्रियों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। पठानकोट डिपो से शिमला-पठानकोट रूट पर चलने वाली एक बस में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला।
गुरुवार को बस की पिछली ओर एक सीट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में दिखाई दी। सीट का अधिकांश हिस्सा टूट चुका था और केवल लोहे का ढांचा नजर आ रहा था। इसके ऊपर लगी सीटें भी अपनी जगह से गिर चुकी थीं। यात्रियों के बैठने की व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीन सीटों के एक हिस्से को वेल्डिंग करके लोहे के एंगल की मदद से जोड़ा गया था।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले भी इसी रूट की बस में सीटों का हिस्सा एंगल समेत नीचे की ओर गिर गया था। यात्रियों का कहना है कि इस रूट पर बसों की खराब स्थिति कोई नई बात नहीं है। पहले भी बेहतर हालत वाली बसें उपलब्ध करवाने की मांग उठती रही है। हालांकि, डिपो में पर्याप्त संख्या में अच्छी स्थिति वाली बसें नहीं होने के कारण समस्या बनी हुई है।
बस खराब होने से यात्रियों की बढ़ती परेशानी
पठानकोट जाने वाला यह पुराना और महत्वपूर्ण रूट है, जिस पर बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। बताया गया है कि बस पट्टा से सुबह करीब 9:50 बजे रवाना होती है। कई मौकों पर बस में तकनीकी खराबी आने के कारण निर्धारित मार्ग में बदलाव करना पड़ता है।
बस के समय की भरपाई के लिए कई बार इसे लदरौर और पट्टा के बजाय ऊखली मार्ग से निकाल दिया जाता है। इसका सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ता है जो लदरौर या पट्टा से बस पकड़ने के लिए इंतजार कर रहे होते हैं। उन्हें निर्धारित समय पर बस नहीं मिल पाती और पठानकोट जाने के लिए दूसरी बस का सहारा लेना पड़ता है।
यात्रियों का कहना है कि केवल सीटों की मरम्मत करने के बजाय इस रूट पर अच्छी हालत वाली बस उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि सफर सुरक्षित और सुविधाजनक हो सके।
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