कसौली में ‘संकल्प रथ यात्रा’ शुरू
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कसौली में ‘संकल्प रथ यात्रा’ शुरू, राज्यपाल ने नशामुक्त समाज के लिए सामूहिक भागीदारी का किया आह्वान
शिमला, 2 अक्तूबर 2026:
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने सोलन जिले के कसौली में उतिष्ठ भारत सेवा ट्रस्ट की ओर से आयोजित नशा-विरोधी जागरूकता अभियान ‘संकल्प रथ यात्रा’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने नशे के बढ़ते प्रभाव से युवाओं और समाज को बचाने के लिए सरकारी संस्थाओं के साथ-साथ परिवार, शिक्षण संस्थानों और नागरिक समाज की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया।
राज्यपाल ने कहा कि कसौली अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और सैन्य विरासत के लिए जाना जाता है तथा इसकी पहचान एक प्रमुख वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में और मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने पर्यटन एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे की तस्करी को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया। उनके अनुसार, प्रभावी निगरानी से युवाओं को नशीले पदार्थों की पहुंच से दूर रखने के साथ क्षेत्र की सामाजिक पहचान को भी सुरक्षित रखा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या का सबसे गंभीर असर युवा वर्ग पर पड़ता है। अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों के व्यवहार में आने वाले असामान्य बदलावों को समझने, उनकी समस्याओं को धैर्य से सुनने और उन्हें परिवार के सहयोग का विश्वास दिलाने की जरूरत है। उन्होंने नशे को केवल कानून-व्यवस्था का विषय न मानते हुए इसे सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौती के रूप में देखने पर जोर दिया।
राज्यपाल ने कहा कि नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए तस्करों और संगठित अपराध से जुड़े लोगों पर सख्त कदम उठाने के साथ-साथ नशे से प्रभावित व्यक्तियों के उपचार, पुनर्वास और उन्हें दोबारा समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने नशे की तस्करी से जुड़े संगठित अपराध तथा कुछ मामलों में सीमा-पार नेटवर्क को आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय हित से जुड़ा विषय बताया।
पुलिस, सुरक्षा बलों, प्रशासन और जांच एजेंसियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि केवल सरकारी तंत्र के प्रयासों से इस चुनौती का पूरी तरह समाधान नहीं किया जा सकता। इसके लिए समाज की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने विद्यालयों में नियमित काउंसलिंग, खेल, योग, सांस्कृतिक गतिविधियों, कौशल विकास और विद्यार्थियों के साथ सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने स्कूलों को नशे के विरुद्ध जागरूकता और रोकथाम की अहम कड़ी बनाने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कसौली छावनी बोर्ड, सेना के जवानों और सैन्य संस्थानों से भी अपने अनुभव, अनुशासन और मार्गदर्शन के जरिए इस अभियान में सहयोग करने का आग्रह किया।
उन्होंने उतिष्ठ भारत सेवा ट्रस्ट की ओर से ‘संकल्प रथ यात्रा’ के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के प्रयास की सराहना की। साथ ही धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं, महिला समूहों, युवा संगठनों, शिक्षण संस्थानों और नागरिक समाज से अभियान में सक्रिय रूप से जुड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखना समाज की साझा जिम्मेदारी है। अभिभावकों, शिक्षकों, चिकित्सकों, पुलिस, प्रशासन, सशस्त्र बलों, सामाजिक संस्थाओं और युवाओं—सभी की इसमें भूमिका है। उन्होंने युवाओं से नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा अपनी ऊर्जा खेल, योग, शिक्षा, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण जैसे सकारात्मक क्षेत्रों में लगाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने समाज के लिए उल्लेखनीय सेवाएं देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया।
सांसद सुरेश कश्यप ने नशा-विरोधी अभियान आयोजित करने के लिए उतिष्ठ भारत सेवा ट्रस्ट को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नशे का असर परिवारों पर भी पड़ रहा है और कई परिवार अपने युवा सदस्यों को खो रहे हैं। उन्होंने युवाओं से खेल और रचनात्मक गतिविधियों में अधिक भाग लेने की अपील की।
स्थानीय विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने राज्यपाल का अपने विधानसभा क्षेत्र में स्वागत किया। उन्होंने नशे की समस्या से निपटने में शिक्षण संस्थानों और समाज की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया तथा इस चुनौती से मुकाबले के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में उतिष्ठ भारत सेवा ट्रस्ट के ट्रस्टी नवनीत गौरियाल ने राज्यपाल का स्वागत किया और नशा-विरोधी जागरूकता अभियान तथा ‘संकल्प रथ यात्रा’ की रूपरेखा की जानकारी दी।
इस अवसर पर उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक टी. साई दत्तात्रेय, ट्रस्ट के अध्यक्ष राज किशोर, संरक्षक राज कुमार सिंगला, सेंट मैरी स्कूल की प्रधानाचार्य सिस्टर टेस्विन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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