सोलन में सखी पहल के तहत शिक्षकों का प्रशिक्षण
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
सोलन में “सखी पहल – To Secure Her Future” के तहत शिक्षकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित
सोलन, 22 सितंबर 2026: बाल रक्षा भारत (BRB), पूर्व में Save the Children, द्वारा JNTL Consumer Health (India) Pvt. Ltd. (Kenvue) के CSR सहयोग से संचालित “सखी पहल – To Secure Her Future” के अंतर्गत सोलन में शिक्षकों एवं विद्यालय प्रतिनिधियों के लिए एक दिवसीय Training of Trainers (ToT) कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों और प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य प्रतिभागियों को किशोर स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, जीवन कौशल, लैंगिक समानता, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य एवं अधिकार (SRHR), सखी क्लब तथा बालिकाओं के लिए अनुकूल एवं सुरक्षित विद्यालयी वातावरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आवश्यक जानकारी और व्यावहारिक कौशल प्रदान करना था।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा उपनिदेशक (DDHE) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने बाल रक्षा भारत की पहल की सराहना करते हुए कहा कि बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए सरकारी विभागों, विद्यालयों, सामाजिक संगठनों और CSR भागीदारों के बीच निरंतर सहयोग महत्वपूर्ण है।
उन्होंने मासिक धर्म से जुड़े संकोच, सामाजिक वर्जनाओं और गलत धारणाओं को कम करने के लिए संवाद को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे बालिकाओं को वैज्ञानिक एवं विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराएं और विद्यालय में ऐसा भरोसेमंद वातावरण विकसित करें, जहां छात्राएं अपने स्वास्थ्य से जुड़े प्रश्नों एवं चिंताओं को सहजता से साझा कर सकें।
DDHE ने सखी पहल के अंतर्गत संचालित सखी क्लब, पैड बैंक, मासिक धर्म अपशिष्ट प्रबंधन तथा बालिका-अनुकूल WASH सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।
कार्यक्रम में बाल रक्षा भारत के प्रबंधक श्री धनंजय राउत ने संस्था के बाल-केंद्रित दृष्टिकोण, विजन और मिशन के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने देश के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित कार्यक्रमों और सरकार तथा CSR भागीदारों के साथ किए जा रहे सहयोग का उल्लेख किया। इनमें स्वास्थ्य प्रणाली सुदृढ़ीकरण, जलवायु लचीलापन, मॉडल रेजिलिएंट विलेज, सखी पहल, मल्टी-एक्टिविटी सेंटर और Honda Ki Pathshala जैसी पहल शामिल हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में बाल रक्षा भारत की निरंतर उपस्थिति तथा संस्था द्वारा किए गए प्रमुख कार्यों पर भी प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण के तकनीकी सत्र श्री मिर्जा तौसीफ बेग ने संचालित किए। सत्रों में किशोरावस्था, SRHR, सेक्स एवं जेंडर, लैंगिकता, मासिक धर्म और Menstrual Hygiene Management (MHM) सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों को संक्रमण की रोकथाम, स्वास्थ्य संबंधी संभावित समस्याओं की पहचान और आवश्यकता होने पर उपयुक्त स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बनाने के संबंध में भी जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण को व्यावहारिक और सहभागी बनाने के लिए केस स्टोरी, समूह चर्चा और चार्ट आधारित गतिविधियों का उपयोग किया गया। इन अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों ने संवेदनशील विषयों पर संवाद करने तथा विद्यालयों में इनसे जुड़े जागरूकता सत्रों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के तरीकों पर काम किया।
कार्यक्रम के समापन चरण में श्री सुनील कुमार ने सखी क्लब की भूमिका, उद्देश्य और जिम्मेदारियों पर सत्र लिया। इसमें बालिकाओं में नेतृत्व कौशल को बढ़ावा देना, पैड बैंक का संचालन एवं निगरानी, मासिक धर्म स्वच्छता सामग्री की नियमित उपलब्धता और समय पर पुनःपूर्ति, विद्यालय की WASH सुविधाओं को बेहतर बनाना तथा शिकायत निवारण तंत्र को प्रभावी बनाने जैसे विषय शामिल रहे। विद्यार्थियों से सुझाव प्राप्त करने, प्रधानाचार्य एवं SMC के साथ समन्वय बढ़ाने और PTM के माध्यम से अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।
प्रतिभागियों ने सुझाव रखा कि मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अभिभावकों, पुरुष शिक्षकों और बालकों को भी जागरूकता गतिविधियों में शामिल किया जाना चाहिए। इस सुझाव पर श्री सुनील कुमार ने कहा कि पहल के माध्यम से महिला एवं पुरुष शिक्षकों, SMC सदस्यों, अभिभावकों, बालकों और बालिकाओं को संवेदनशील बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। इसका उद्देश्य मासिक धर्म स्वास्थ्य और बालिकाओं के कल्याण को केवल बालिकाओं तक सीमित विषय न रखते हुए पूरे विद्यालय और समुदाय की साझा जिम्मेदारी के रूप में आगे बढ़ाना है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों, संसाधन व्यक्तियों और सहयोगी stakeholders के प्रति आभार व्यक्त किया गया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी को अपने-अपने विद्यालयों में उपयोग करने तथा बालिकाओं के लिए सुरक्षित, समावेशी, संवेदनशील और सशक्त वातावरण विकसित करने की दिशा में मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
“सखी पहल – To Secure Her Future” का व्यापक उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा, मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, जीवन कौशल, नेतृत्व क्षमता, लैंगिक संवेदनशीलता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। पहल के माध्यम से ऐसा विद्यालयी एवं सामुदायिक वातावरण विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, जहां हर बालिका सम्मान, आत्मविश्वास और गरिमा के साथ शिक्षा प्राप्त कर सके, अपने भविष्य के लिए आगे बढ़ सके और नेतृत्व की भूमिका निभा सके।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space





