मंडी में तैयार हो रही उत्तर भारत की पहली एलिवेटेड रोटरी
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
मंडी के बिंद्रावणी में दो प्रमुख फोरलेन के मिलने वाले स्थान पर एक अनोखे एलिवेटेड रोटरी जंक्शन का निर्माण किया जा रहा है। इसे उत्तर भारत की पहली एलिवेटेड रोटरी बताया जा रहा है। इस जंक्शन की खासियत यह होगी कि यहां ट्रैफिक लाइट की जरूरत नहीं पड़ेगी और वाहनों को लगातार यातायात प्रवाह के साथ आगे बढ़ने की सुविधा मिलेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इस परियोजना पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। निर्माण कार्य अप्रैल 2025 में शुरू हुआ था और अब तक आधे से अधिक काम पूरा हो चुका है। एनएचएआई के मुताबिक जंक्शन को मार्च 2027 तक यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
यह एलिवेटेड रोटरी चंडीगढ़-मनाली और पठानकोट-मंडी फोरलेन के संगम पर बनाई जा रही है। दोनों राजमार्गों की ऊंचाई में काफी अंतर होने के कारण यहां पारंपरिक तरीके से जंक्शन बनाना चुनौतीपूर्ण था। इसी वजह से ओवरहेड एलिवेटेड रोटरी का डिजाइन अपनाया गया है।
बिना ट्रैफिक लाइट के नियंत्रित होगा यातायात
जंक्शन पर अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए कुल चार मुख्य रैंप बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा मंडी शहर की ओर आने-जाने वाले यातायात के लिए एक अतिरिक्त रैंप भी प्रस्तावित है।
रैंप और स्लिप रोड के जरिए विभिन्न दिशाओं के वाहनों को अलग-अलग मार्ग उपलब्ध कराया जाएगा। इससे वाहनों को जंक्शन पर अनावश्यक रूप से रुकने की जरूरत नहीं होगी और यातायात का प्रवाह लगातार बना रहेगा।
यह परियोजना पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट का हिस्सा है। वहीं, मंडी से पद्धर तक फोरलेन निर्माण पर लगभग 1,500 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space





