पूर्व सैनिकों को सरकारी नौकरियों में 15% आरक्षण
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सरकारी नौकरियों में पूर्व सैनिकों को 15% आरक्षण, कल्याण योजनाओं का भी मिल रहा लाभ
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी सेवाओं में पूर्व सैनिकों के लिए 15 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। यह सुविधा क्लास वन से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक के सरकारी पदों पर लागू है। पूर्व सैनिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सैनिक कल्याण विभाग के अंतर्गत विशेष रोजगार प्रकोष्ठ भी बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना से सेवानिवृत्ति के बाद पूर्व सैनिक अपने जीवन की नई पारी शुरू करते हैं। सैन्य सेवा के दौरान हासिल अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, अनुभव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्णय लेने की योग्यता उनके लिए आगे के रोजगार में काफी उपयोगी साबित हो सकती है। सरकार का प्रयास है कि इन क्षमताओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों के साथ-साथ उनके परिवारों और देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के आश्रितों के कल्याण को भी प्राथमिकता दे रही है। युद्ध विधवाओं और उनके परिवारों को विभिन्न जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
इसी के तहत युद्ध विधवा की बेटी के विवाह के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद का प्रावधान है। सरकार का उद्देश्य ऐसे परिवारों को आर्थिक सहारा देना है, जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपने परिवार के सदस्य को खोया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सेवा करने वाले बुजुर्ग सैनिकों को भी सरकार सम्मान देती है। प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में सेवाएं देने वाले सैनिकों को भी इस कल्याण व्यवस्था में याद रखा गया है। गैर-पेंशनभोगी पूर्व सैनिकों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह वृद्धावस्था पेंशन दी जाती है, जबकि उनकी विधवाओं को हर महीने 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
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