सतत विकास लक्ष्यों (एस.डी.जी) की ओर अग्रसर गुरुकुल के विद्यार्थी : गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में इस उपलक्ष पर प्रभावशाली विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन
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- सतत विकास लक्ष्यों (एस.डी.जी) की ओर अग्रसर गुरुकुल के विद्यार्थी : गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में इस उपलक्ष पर प्रभावशाली विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन
गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में दिनांक 24 अप्रैल, 2026 को कक्षा 12 के विद्यार्थियों द्वारा सतत विकास लक्ष्यों (एस.डी.जी.) पर आधारित एक प्रभावशाली विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज में वैश्विक लक्ष्यों के प्रति जागरूकता फैलाना था।
आज कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित इस विशेष प्रार्थना सभा में एस.डी.जी. 1: गरीबी उन्मूलन एवं एस.डी.जी. 16: शांति, न्याय एवं सशक्त संस्थाएं जैसे महत्वपूर्ण विषयों को केंद्र में रखा गया। विद्यार्थियों ने इन दोनों वैश्विक लक्ष्यों की प्रासंगिकता को अत्यंत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
सभा के दौरान विद्यार्थियों ने एस.डी.जी. 16 विषय पर विविध एवं आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय परिसर में एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने पोस्टर, नारों और संदेशों के माध्यम से समाज में शांति, न्याय और समानता का संदेश प्रसारित किया।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नृत्य-नाटिका ने सभी दर्शकों को भावविभोर कर दिया। साथ ही, विद्यार्थियों ने एक सशक्त नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया, जिसमें समाज में व्याप्त अन्याय, भ्रष्टाचार एवं असमानता के साथ-साथ गरीबी जैसी ज्वलंत समस्याओं को प्रभावी ढंग से उजागर किया गया। इस प्रस्तुति के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि जागरूक नागरिक बनकर ही हम एक न्यायपूर्ण, समतामूलक एवं सशक्त समाज की स्थापना कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित सतत विकास लक्ष्यों (एस.डी.जी.) की महत्ता पर भी प्रकाश डाला गया। यह बताया गया कि ये 17 वैश्विक लक्ष्य वर्ष 2030 तक गरीबी उन्मूलन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लैंगिक समानता, स्वच्छ पर्यावरण, शांति और न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निर्धारित किए गए हैं। विशेष रूप से एस.डी.जी. 1 और एस.डी.जी. 16 एक ऐसे समाज के निर्माण पर बल देते हैं जहाँ न केवल आर्थिक असमानता समाप्त हो, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को न्याय, सुरक्षा एवं सम्मानजनक जीवन भी प्राप्त हो।
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. लखविंदर अरोड़ा ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा:
“शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना भी है। विद्यार्थियों द्वारा एस.डी.जी. जैसे महत्वपूर्ण विषय पर की गई प्रस्तुतियाँ अत्यंत सराहनीय हैं। ऐसे प्रयास ही हमें एक शांतिपूर्ण, न्यायपूर्ण और सशक्त राष्ट्र की ओर अग्रसर करते हैं।”
उन्होंने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ उनके आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक समझ को विकसित करती हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई। यह आयोजन विद्यालय के आदर्श वाक्य “परंपरा के साथ आधुनिकता” को साकार करता हुआ एक प्रेरणादायक उदाहरण सिद्ध हुआ, जिसने सभी को सतत विकास के प्रति जागरूक एवं प्रे
रित किया।
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