नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 70187 41157 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , अहिल्याबाई होलकर की विरासत इतिहास के स्वर्ण पन्नों में दर्ज: संजय टंडन – भारतीय नेशनल न्यूज

अहिल्याबाई होलकर की विरासत इतिहास के स्वर्ण पन्नों में दर्ज: संजय टंडन

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

सोलन: महिला मोर्चा भाजपा जिला सोलन द्वारा मुरारी मार्केट में आयोजित विशेष कार्यक्रम में महान मराठा शासिका अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में प्रदेश भाजपा के सह प्रभारी संजय टंडन ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, उपाध्यक्ष रश्मिधर सूद, महामंत्री बिहारी लाल शर्मा, पूर्व मंत्री राजीव सहजल, पार्टी प्रत्याशी राजेश, पूर्व विधायक के. ठाकुर, गोविंद राम शर्मा, लखविंदर राणा, पुरुषोत्तम गुलेरिया, जिला अध्यक्ष रतन पाल सिंह, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्षा वंदना योगी और मंडल अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता सहित अन्य नेता भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला मोर्चा जिला महामंत्री प्रियंका अग्रवाल ने की।

अहिल्याबाई का जीवन प्रेरणा का स्रोत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संजय टंडन ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर (31 मई 1725 – 13 अगस्त 1795) एक साहसी और दूरदर्शी शासिका थीं, जिन्होंने मालवा साम्राज्य को न केवल स्थायित्व प्रदान किया बल्कि सामाजिक उत्थान और धार्मिक कार्यों के क्षेत्र में भी ऐतिहासिक योगदान दिया। उनका जीवन भारतीय इतिहास में एक उज्ज्वल अध्याय के रूप में दर्ज है।

प्रशासनिक दक्षता और जनहितकारी नीतियाँ
टंडन ने बताया कि 1767 से 1795 तक के शासनकाल में अहिल्याबाई ने न्यायपूर्ण शासन स्थापित किया, जिससे मालवा में समृद्धि और स्थिरता आई। उन्होंने व्यापार, कृषि और सुशासन को प्राथमिकता दी, जिससे उनकी प्रजा खुशहाल रही।

सामाजिक और धार्मिक सुधारों की अग्रदूत
टंडन ने आगे बताया कि अहिल्याबाई समाज सुधार के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील थीं। उन्होंने विधवाओं, वंचितों और समाज के पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विकास में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।

धार्मिक दृष्टिकोण से भी उनका कार्य सराहनीय रहा – उन्होंने पूरे देश में मंदिरों, धर्मशालाओं, जल स्रोतों और घाटों का निर्माण करवाया। वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार उनके धार्मिक समर्पण का एक उदाहरण है। उनकी धार्मिक सहिष्णुता और सभी मतों के प्रति सम्मान उन्हें जनता की प्रिय शासिका बनाता है।

अहिल्याबाई: महिला सशक्तिकरण की प्रतीक
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि अहिल्याबाई का जीवन यह प्रमाणित करता है कि नेतृत्व क्षमता लिंग पर निर्भर नहीं करती। उन्होंने अपने कौशल, साहस और नीतियों से यह दिखा दिया कि महिलाएं भी प्रशासन और सैन्य रणनीति में अग्रणी हो सकती हैं। उन्होंने अपने शासनकाल में मालवा को बाहरी आक्रमणों और आंतरिक संकटों से सफलतापूर्वक सुरक्षित रखा।

डॉ. बिंदल ने कहा कि अहिल्याबाई का जीवन यह सिखाता है कि नैतिक मूल्यों, निष्ठा और जनसेवा पर आधारित नेतृत्व ही स्थायी प्रभाव छोड़ सकता है।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

लाइव कैलेंडर

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930