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बघाट बैंक घोटाला: सोलन में तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

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सोलन में बघाट बैंक में अनियमितता का मामला: तीन अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित बघाट अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस मामले में बैंक के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई है। यह कार्रवाई एक स्थानीय निवासी, अभय शर्मा की शिकायत के आधार पर हुई, जिन्होंने 7 सितंबर 2022 को पुलिस थाना सदर, सोलन में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।

अभय शर्मा के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2019 में बैंक से 1 करोड़ 35 लाख रुपये का ऋण लिया था, जिसके बदले में उन्होंने अपनी जमीन गिरवी रखी थी। कोविड-19 महामारी के चलते वे समय पर ऋण की किस्तें अदा नहीं कर सके। इसके बाद बैंक ने सरफेसी एक्ट-2012 के तहत नोटिस जारी करते हुए 12 मई 2022 को उनकी संपत्ति की नीलामी कर दी। हालांकि, 18 मई 2022 को बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (बीओडी) ने नीलामी को रद्द करने का निर्देश दिया था, जिसे बैंक अधिकारियों ने नजरअंदाज कर दिया। इसके विपरीत, अगस्त 2022 में उस संपत्ति का सेल सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया।

शिकायत में यह भी बताया गया कि अधिकारियों ने शर्मा से मुकदमे के नाम पर 57 लाख रुपये की राशि ली, फिर भी उनकी जमीन एक दिल्ली की फर्म को बेच दी गई। इस पूरे घटनाक्रम से अभय शर्मा को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

पुलिस जांच में यह पाया गया कि बैंक अधिकारियों ने न केवल नियमों की अवहेलना की, बल्कि बीओडी के आदेशों को भी अनदेखा किया। जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, वे हैं: नंद लाल चौहान (उप महाप्रबंधक), भूपेंद्र कुमार (उप महाप्रबंधक), और राजकुमार। इनके खिलाफ सीआरपीसी की धारा 41(1) के अंतर्गत नोटिस जारी किया गया था। जांच के बाद तीनों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया गया है।

यह मामला सोलन में चर्चाओं का विषय बना हुआ है, और स्थानीय लोग इस पर गंभीर चिंता जता रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे मामलों से आम जनता का बैंकिंग व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होता है। अभय शर्मा ने उम्मीद जताई है कि न्यायालय उन्हें न्याय दिलाएगा और दोषियों को सजा मिलेगी।

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