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Skm पंजाब की जत्थेबंदी की कॉर्डिनेशन कमेटी में बैठक लिया है।

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मोर्चे एक होकर खन्नोरी बॉर्डर धरने में शामिल नहीं होंगे ।

डालेवाल की सेहत को लेकर चिंतित उनकी मांगों का समर्थनकरते हैं।

केंद्र सरकार ने जो धक्का शाही आंदोलन के साथ की है उसकी निंदा करते है।

केंद्र की नई खेती नीति का विरोध कर उसे कैंसिल करवाया जाएगा।

जिला हेडक्वार्टर पर 23 तारीख को इसके विरोध में प्रदर्शन किया जाएगा।

पंढेर की चिट्ठी को लेकर 21 तारीख को उनके साथ बैठक होगी।

एकता कमेटी के 6 मेंबर बैठक करेंगे।

दोनों फोरम के साथ यह बैठक की जाएगी।

शाम 7 बजे राज्यपाल के साथ मुलाकात करेंगे।

Skm की सभी जत्थेबंदी इस मुलाकात में होगी शामिल।

खन्नोरी बॉर्डर ने साझे कार्यक्रम के तहत नहींबकिया आंदोलन।

आंदोलन शुरू होने से पहले जिस प्रकार से शामिल होने के लिए बात हुई उसमें वैचारिक मतभेद रहे ।

डल्लेवल के मृणव्रत का फैसला उनका खुद है हम किसी भी प्रकार से इसे खत्म करने या जारी रखने को लेकर टिप्पणी नहीं करेंगे।

दिसंबर को हालत देखते हुए अगली रणनीति को लेकर बैठक करेंगे।

एमएसपी की कानूनी गारंटी के साथ केंद्र की नई खेती नीति का भी विरोध किया जाएगा।

केंद्र के भेजे खेती नीति को सिरे से खारिज करते है।

पंजाब सरकार को भी इसे खारिज करना चाहिए।

सरवण पंढेर और डल्लेवाल की चिट्ठी को लेकर कहा कि चिट्ठी में केवल उन्हें शामिल होने को कहा गया ना कि चर्चा करने के लिए कहा गया।

Skm को ज्वाइंट फोरम के तहत कार्य करने की मांग की गई।

इसका जवाब मिला कि यह केंद्र सरकार के पक्ष में ऐसा जवाब दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर यदि जबरन डल्लेवल का मरणव्रत खुलवाया गया तो एक्शन लिया जाएगा।

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