सोलन के 30 स्कूलों में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जागरूकता
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सोलन में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विद्यार्थियों को किया जागरूक, पॉक्सो व किशोर न्याय कानून की दी जानकारी
विद्यालयों में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने की अपील – शरद कुमार लगवाल
सोलन, 31 अक्टूबर 2026। बच्चों को शोषण, दुर्व्यवहार और साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए उनके अधिकारों तथा कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। इसी कड़ी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोलन की ओर से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, सोलन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश शरद कुमार लगवाल ने की। यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के राष्ट्रव्यापी ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ का हिस्सा था। अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल अधिकारों और बच्चों की सुरक्षा से संबंधित कानूनों की जानकारी देना था।
इस दौरान विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो), 2012 तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के महत्वपूर्ण प्रावधानों से अवगत करवाया गया। साथ ही उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा, बाल अधिकारों और साइबर अपराधों से बचाव के तरीकों के बारे में भी बताया गया।
शरद कुमार लगवाल ने विद्यालय प्रबंधन से आग्रह किया कि चाइल्ड हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1098 को स्कूल परिसर में ऐसे स्थानों पर प्रदर्शित किया जाए, जहां विद्यार्थियों की नजर आसानी से पड़ सके। इससे जरूरत के समय बच्चे इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी तरह के शोषण, उत्पीड़न अथवा अनुचित व्यवहार का सामना करने पर चुप नहीं रहना चाहिए। बच्चों को बिना किसी डर या संकोच के अपने अभिभावकों और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की जानकारी और समय पर उचित सहायता उन्हें सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम में ऑनलाइन सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने, इंटरनेट पर निजी जानकारियां साझा करने से बचने तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी और संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों पर लापरवाही बच्चों की निजता और सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है।
इस अवसर पर पॉक्सो अधिनियम के विभिन्न पहलुओं और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया और उन्हें किसी भी परेशानी की स्थिति में कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
नालसा के दिशा-निर्देशों तथा हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, शिमला के मार्गदर्शन में यह अभियान 26 से 31 अक्टूबर, 2026 तक जिला मुख्यालय और उपमंडल स्तर पर संचालित किया गया। इसके अंतर्गत सोलन जिले के करीब 30 सरकारी एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को बाल अधिकारों और सुरक्षा संबंधी विषयों पर जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य रोहित वर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रशांत सिंह नेगी, विद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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