नालागढ़ के पंचायत प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण शिविर संपन्न
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनसमस्याओं के समाधान में पंचायत प्रतिनिधियों की अहम भूमिका: मनमोहन शर्मा
सोलन, 17 सितंबर 2026।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय सोलन के सभागार में विकास खंड नालागढ़ की ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रधानों एवं उप-प्रधानों के लिए आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ।
समापन अवसर पर उपायुक्त ने सभी नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों एवं दायित्वों, पंचायतों की कार्यप्रणाली तथा विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना है, जिससे वे अपने दायित्वों का प्रभावी रूप से निर्वहन कर सकें।
मनमोहन शर्मा ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण आधारभूत कड़ी हैं। गांवों में विकास कार्यों को गति देने, सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने तथा स्थानीय स्तर पर जनसमस्याओं के समाधान में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने तथा पंचायत स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही और लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आम लोगों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि विकास योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंच सके।
उपायुक्त ने पंचायत प्रतिनिधियों से सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर भी सक्रिय भूमिका निभाने को कहा। उन्होंने पंचायतों में पुस्तकालय, आंगनवाड़ी केंद्र और सामुदायिक केंद्र जैसी सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इसके साथ ही नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता, स्वच्छता तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संबंधी आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत पंचायतों को प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए स्थानीय स्तर के छोटे-मोटे विवादों का समाधान पंचायत स्तर पर ही करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
चार दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायती राज अधिनियम, 1994, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज नियम, 1997 तथा हिमाचल प्रदेश पंचायती राज वित्त नियम, 2002 सहित पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी।
प्रशिक्षण में पंचायतों के कार्य एवं दायित्व, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन तथा वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर जिला पंचायत अधिकारी सोलन जोगिन्द्र सिंह राणा तथा सेवानिवृत्त पंचायत निरीक्षक जयचंद कौशल ने भी पंचायती राज व्यवस्था और उससे संबंधित विषयों पर प्रशिक्षणार्थियों को जानकारी दी।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space





