नेपाल में बाढ़ का कहर: 1,341 लोगों की मौत, करीब 5,000 लापता
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नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के करीब दो सप्ताह बाद भी राहत, बचाव और लापता लोगों की तलाश का अभियान जारी है। आपदा का असर इतना व्यापक रहा है कि कई इलाकों से बरामद शवों और मानव अवशेषों की पहचान करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। इसी के चलते पुलिस ने लापता लोगों के परिवारों से डीएनए नमूने एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू की है।
नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,341 हो गई है। वहीं लगभग 5,000 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत एवं बचाव दल अब तक 13,100 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल चुके हैं और दुर्गम क्षेत्रों में तलाशी अभियान जारी है।
बताया गया है कि 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के नजदीक बर्फ और चट्टानों के खिसकने की घटना हुई। इसके बाद भोटेकोशी नदी में अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा आया। तेज बहाव ने उत्तरी और मध्य नेपाल की कई बस्तियों में भारी तबाही मचाई। बड़ी संख्या में घर और वाहन बह गए, जबकि सड़कें, पुल और जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा।
शवों की पहचान बनी बड़ी चुनौती
दुर्गम इलाकों से लगातार शव और मानव अवशेष मिलने के कारण उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार, नेपाल में बरामद मृतकों में कम से कम 85 बच्चे शामिल हैं। बड़ी संख्या में ऐसे शव भी मिले हैं जिनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। प्रशासन इन शवों की पहचान के लिए लापता लोगों के परिजनों के डीएनए नमूनों का इस्तेमाल कर रहा है।
चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी भारी नुकसान
इस आपदा का असर सीमा पार चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी पड़ा है। चीनी मीडिया के अनुसार, वहां कम से कम 31 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 500 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
नेपाल में राहत और खोज अभियान जारी रहने के साथ प्रशासन के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में लापता लोगों का पता लगाना, बरामद शवों की पहचान करना और प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता पहुंचाना शामिल है।
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