पर्यावरण संरक्षण का संदेश, सुबाथू में पौधारोपण
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पर्यावरण संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी, पौधों की देखभाल भी जरूरी: प्रशांत सिंह नेगी
सुबाथू में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और वन विभाग ने लगाया जागरूकता शिविर
सोलन, 11 अगस्त 2026। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन के सचिव प्रशांत सिंह नेगी ने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। वह ग्राम पंचायत ककक्ड़हट्टी के गांव थेथोंग में आयोजित वृक्षारोपण अभियान एवं जागरूकता शिविर में उपस्थित बच्चों और अन्य लोगों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन और वन विभाग के संयुक्त सहयोग से किया गया।
इस अवसर पर प्रशांत सिंह नेगी ने शांति निकेतन आश्रम, सुबाथू के परिसर में बेहड़े का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके संरक्षण और नियमित देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। आज लगाए गए पौधे आने वाले समय में बड़े वृक्ष बनकर पर्यावरण तथा समाज के लिए उपयोगी साबित होंगे।
उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पौधारोपण से वन क्षेत्र का विस्तार किया जा सकता है, जिससे भू-जल संरक्षण में मदद मिलेगी और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। पेड़-पौधे मिट्टी को मजबूती प्रदान करते हैं तथा भूस्खलन की संभावना को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रशांत सिंह नेगी ने बच्चों को प्रेरित किया कि वे अपने जन्मदिन और अन्य विशेष अवसरों पर पौधे लगाएं तथा लगाए गए पौधों की जिम्मेदारी भी लें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए आज किए गए प्रयास ही आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण उपलब्ध कराने में सहायक होंगे। उन्होंने लोगों से वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
शिविर के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के माध्यम से उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि न्यायालयों में लंबित मामलों को मध्यस्थता तथा लोक अदालत जैसे वैकल्पिक माध्यमों से सुलझाया जा सकता है। इससे पक्षकारों के समय और धन, दोनों की बचत हो सकती है।

उन्होंने किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा इसके संशोधित नियमों के संबंध में भी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कानून का उद्देश्य बच्चों को केवल दंडित करना नहीं, बल्कि उनके पुनर्वास, सामाजिक पुनर्स्थापन और सर्वोत्तम हित को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने और कानून के दायरे में आने वाले किशोरों के सुधार के लिए संबंधित प्रावधानों को लागू किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान प्रशांत सिंह नेगी ने आश्रम के विद्यार्थियों से बातचीत की और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
वन परिक्षेत्र अधिकारी दिव्या शर्मा ने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को पौधों की सुरक्षा, रखरखाव और उचित देखभाल से संबंधित व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी दी।
वृक्षारोपण अभियान के तहत शांति निकेतन आश्रम के विद्यार्थियों ने परिसर में दाडू, बेहड़ा, आंवला, जडीनू, बान्स सहित करीब 50 औषधीय एवं अन्य पौधे लगाए।
कार्यक्रम में शांति निकेतन आश्रम के निदेशक ललमुनल्यानी, अधीक्षक तीथवीन, शिक्षकगण तथा विद्यार्थी मौजूद रहे।
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