बागवानों के हित में सरकार प्रतिबद्ध: जगत सिंह नेगी
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सोलन | 08 अगस्त 2026
बागवानों की आय बढ़ाने और उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: जगत सिंह नेगी
बागवानी मंत्री ने परवाणू स्थित एच.पी.एम.सी. संयंत्र और सोलन सेब मंडी का किया निरीक्षण
राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल के बागवानों के हितों की रक्षा के साथ-साथ उनकी उपज का बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बागवानों की आय में वृद्धि और उनके लिए बेहतर विपणन व्यवस्था उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
जगत सिंह नेगी ने शनिवार को परवाणू स्थित हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एच.पी.एम.सी.) के संयंत्र का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से संयंत्र की कार्यप्रणाली और बागवानों से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इससे पहले उन्होंने सोलन स्थित सेब मंडी का भी निरीक्षण किया।
बागवानी मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बागवानी का महत्वपूर्ण योगदान है और बड़ी संख्या में परिवार अपनी आजीविका के लिए बागवानी पर निर्भर हैं। सरकार बागवानों को बेहतर सुविधाएं देने तथा उनकी आय के साधनों को मजबूत करने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है।
उन्होंने बताया कि बागवानी विकास परियोजना के तहत सोलन, पराला, मतियाणा और शिलारू सहित विभिन्न स्थानों पर फल मंडियां विकसित की गई हैं। इन मंडियों का उद्देश्य बागवानों को उनकी उपज के लिए उचित बाजार और बेहतर मूल्य उपलब्ध करवाना है। उन्होंने बागवानों से अपील की कि वे अपनी उपज का विपणन हिमाचल प्रदेश की मंडियों के माध्यम से करें।
जगत सिंह नेगी के अनुसार, प्रदेश की विभिन्न फल मंडियों में अब तक लगभग 45 लाख सेब के बाक्स पहुंच चुके हैं। इस वर्ष मंडियों में करीब दो करोड़ सेब के बाक्स पहुंचने का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि बागवानों को गुणवत्तापूर्ण और किफायती कृषि दवाइयां उपलब्ध करवाने के लिए विभाग छोटे स्तर पर गुणवत्ता वाली दवाइयां तैयार करने वाले उद्योगों से भी संपर्क कर रहा है। इन उत्पादों को बिक्री केंद्रों के माध्यम से बागवानों तक कम कीमत पर पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे बागवानों को बेहतर गुणवत्ता की दवाइयां किफायती दरों पर मिल सकेंगी और उत्पादन लागत कम करने में भी मदद मिलेगी।
मंत्री ने बताया कि मंडी मध्यस्थता योजना (एम.आई.एस.) को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विभाग ने एक मोबाइल ऐप तैयार की है। इसके जरिए बागवान अपना पंजीकरण कर सकेंगे और सरकार की मूल्य सहायता व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेब मंडियों में आढ़तियों के लाइसेंस स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे बागवानों को अधिक पारदर्शिता मिलेगी और वे संभावित धोखाधड़ी से सुरक्षित रह सकेंगे।
बागवानों की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा सेब की पैकिंग में यूनिवर्सल कार्टन के इस्तेमाल की पहल का भी उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से सेब की पैकिंग और विपणन में बागवानों को सुविधा मिली है तथा उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त करने में सहायता हुई है।
इस दौरान जगत सिंह नेगी ने यूनिवर्सल कार्टन की उपलब्धता का भी जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण के अवसर पर नायब तहसीलदार परवाणू शकुंतला पटियाल, एच.पी.एम.सी. की सहायक लेखा अधिकारी मोनिका कश्यप, ए.टी.ओ. अंकिता सूद, तकनीकी सलाहकार जय पाल चौहान सहित संयंत्र के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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