बाढ़ बचाव प्रशिक्षण का पांचवां दिन
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कार्यालय जिला लोक संपर्क अधिकारी, एस.ए.एस. नगर
युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण का पांचवां दिन: स्वयंसेवकों ने सीखी बाढ़ बचाव, शीत लहर सुरक्षा और रेस्क्यू की तकनीकें
डेराबस्सी (एस.ए.एस. नगर), 7 अगस्त:
पंजाब सरकार, पंजाब राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PSDMA), महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (MGSIPA) तथा जिला प्रशासन, साहिबजादा अजीत सिंह नगर के संयुक्त प्रयासों से श्री सुखमनी कॉलेज, डेराबस्सी में आयोजित युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।
यह प्रशिक्षण MGSIPA के वरिष्ठ सलाहकार एवं कोर्स डायरेक्टर प्रो. योग सिंह भाटिया तथा उपायुक्त श्रीमती कोमल मित्तल के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के विद्यार्थियों और आम नागरिकों को इस योग्य बनाना है कि किसी भी आपदा की स्थिति में बाहरी सहायता पहुंचने से पहले वे स्थानीय स्तर पर प्रभावी ढंग से राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग कर सकें। यह पहल जिले की आपदा तैयारी और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
प्रशिक्षण के पांचवें दिन राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवकों को अनुभवी प्रशिक्षकों ने पंजाब के बाढ़ प्रभावित होने वाले क्षेत्रों तथा बाढ़ के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षा एवं बचाव प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। प्रतिभागियों को इस बात का प्रशिक्षण दिया गया कि वे ऐसी परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए प्रशासन और स्थानीय समुदाय की प्रभावी सहायता कैसे कर सकते हैं।
सत्र के दौरान यह भी बताया गया कि घरों में उपलब्ध अनुपयोगी या सामान्य वस्तुओं का उपयोग आपातकालीन संसाधनों के रूप में किस प्रकार किया जा सकता है। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री के उपयोग से राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के तरीके समझाए।
इसके अलावा स्वयंसेवकों को सर्दियों में शीत लहर और अत्यधिक ठंड के कारण उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, उनसे बचाव के उपायों तथा आवश्यक प्राथमिक उपचार के बारे में भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में भूकंप या अन्य मानवजनित घटनाओं के कारण भवन ढहने जैसी परिस्थितियों में खोज एवं बचाव अभियान चलाने की तकनीकों पर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया। प्रतिभागियों को मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।
युवा आपदा मित्र योजना के वरिष्ठ सलाहकार एवं कोर्स डायरेक्टर प्रो. योग सिंह भाटिया ने कहा कि इस प्रकार के व्यवहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में समुदायों को आपदाओं का अधिक आत्मविश्वास और बेहतर तैयारी के साथ सामना करने में सक्षम बनाएंगे।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक स्वयंसेवक से नियमित रूप से व्यावहारिक अभ्यास कराया जा रहा है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में उनकी कार्यक्षमता और आत्मविश्वास दोनों विकसित हो सकें। इस पहल का उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षित स्वयंसेवकों का समूह तैयार करना है, जो आवश्यकता पड़ने पर अपनी सुरक्षा के साथ-साथ समाज के अन्य लोगों की सहायता और जीवन रक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में युवा आपदा मित्र योजना के वरिष्ठ सलाहकार एवं कोर्स डायरेक्टर प्रो. योग सिंह भाटिया, श्री सुखमनी ग्रुप ऑफ कॉलेजिज के डायरेक्टर/सुपरिंटेंडेंट डॉ. दमनजीत सिंह, NSS कार्यक्रम अधिकारी मोहनिश आर्या एवं रविंदर सिंह, MGSIPA के विशेषज्ञ आपदा प्रबंधन प्रशिक्षक, तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित हितधारकों का सक्रिय सहयोग मिल रहा है।
सभी संबंधित विभागों और प्रतिभागियों की सहभागिता से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आगे बढ़ रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे जागरूक, प्रशिक्षित और सक्षम समुदाय का निर्माण करना है, जो आपदाओं और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी एवं समयबद्ध प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार हो।
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