NDPS केस: ₹2.43 करोड़ की संपत्तियां फ्रीज
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NDPS मामले में सोलन पुलिस की बड़ी वित्तीय कार्रवाई, ₹2.43 करोड़ से अधिक की संपत्तियां फ्रीज
सोलन: जिला सोलन पुलिस ने “एंटी चिट्टा अभियान” के तहत नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए एक महत्वपूर्ण वित्तीय जांच पूरी की है। वर्ष 2022 में दर्ज एक NDPS मामले की विस्तृत जांच के बाद पुलिस ने लगभग ₹2.43 करोड़ मूल्य की चल-अचल संपत्तियों और वित्तीय निवेश को फ्रीज किया है। यह कार्रवाई स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (NDPS Act) के अध्याय V-A के तहत की गई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि कथित तौर पर नशा तस्करी से अर्जित धन का उपयोग होटल के नवीनीकरण, आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों के निर्माण, भूमि एवं प्लॉट खरीदने तथा डाक विभाग की बचत योजनाओं में निवेश करने के लिए किया गया। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य नशा कारोबार से जुड़े आर्थिक तंत्र को कमजोर करना और अवैध संपत्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
2022 का मामला
पुलिस के अनुसार, 2 और 3 फरवरी 2022 की मध्यरात्रि में धर्मपुर थाना पुलिस जाबली के समीप गश्त और वाहन जांच कर रही थी। इसी दौरान HP64A-0518 (महिंद्रा बोलेरो) को जांच के लिए रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन के फुटमैट के नीचे छिपाकर रखी गई 6.37 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद हुई।
वाहन में सवार उमेश ठाकुर और हेमंत शर्मा, दोनों निवासी जिला सोलन, को गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में धर्मपुर थाना में एफआईआर संख्या 0027/2022 दिनांक 3 फरवरी 2022 को NDPS Act की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया जा चुका है और मामला विचाराधीन है।
2026 में फिर दर्ज हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, 2022 के मामले के बावजूद आरोपी हेमंत शर्मा का नाम वर्ष 2026 में एक अन्य NDPS मामले में भी सामने आया। 24 जनवरी 2026 को दर्ज एफआईआर संख्या 0024/2026 में सनवारा टोल प्लाजा के पास HP15B-2275 (ऑल्टो K-10) की तलाशी के दौरान फुटमैट के नीचे से 4 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद की गई। जांच में वाहन आरोपी के नाम पर पंजीकृत पाया गया। इस मामले में भी पुलिस जांच पूरी कर अदालत में चालान प्रस्तुत कर चुकी है।
नकद लेन-देन और वित्तीय जांच
दोनों मामलों की जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि कथित तौर पर मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री में नकद लेन-देन का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे बैंकिंग या डिजिटल माध्यम से वित्तीय रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो सके। इसके बाद NDPS Act के अध्याय V-A के तहत विस्तृत वित्तीय जांच शुरू की गई।
जांच में आरोपी, उसके पिता और माता की आय, खर्च, चल-अचल संपत्तियों, वाहनों तथा अपराध से अर्जित धन के संभावित उपयोग की पड़ताल की गई। दस्तावेजों और उपलब्ध रिकॉर्ड के विश्लेषण में पाया गया कि पिछले छह वर्षों के दौरान आरोपी और उसके निकट संबंधियों के नाम पर विभिन्न संपत्तियों एवं निवेशों में बड़ी राशि लगाई गई।
इनमें प्रमुख रूप से—
- HP15B-2275 (ऑल्टो K-10) और HP98-0787 (ब्रेज़ा) वाहन की खरीद।
- गांव मातला स्थित मकान का नवीनीकरण।
- सनवारा स्थित संपत्ति की मरम्मत।
- आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों का निर्माण।
- भूमि एवं प्लॉट की खरीद।
- डाक विभाग में वित्तीय निवेश।
होटल से जुड़े संचालन की जांच
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2022 और 2026 के दोनों NDPS मामले आरोपी के पिता के स्वामित्व वाले सनवारा स्थित होटल के आसपास दर्ज हुए। जांच एजेंसी के अनुसार इससे प्रथमदृष्टया यह संकेत मिला कि कथित रूप से होटल की आड़ में नशा तस्करी संचालित की जा रही थी तथा आरोपी और उसके पिता के बीच परिचालन संबंध होने की संभावना की जांच की गई।
आय और संपत्तियों में असंगति
राजस्व विभाग से प्राप्त रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी हेमंत शर्मा और उसकी माता के नाम कोई आय दर्ज नहीं पाई गई। पुलिस के मुताबिक आरोपी किसी नियमित व्यवसाय से जुड़ा नहीं मिला, जबकि उसकी माता गृहिणी हैं।
आरोपी के पिता डाक विभाग से सेवानिवृत्त हैं। जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर उनके नाम दर्ज संपत्तियों और घोषित वैध आय के बीच प्रथमदृष्टया असंगति पाई गई। राजस्व रिकॉर्ड में उनकी वार्षिक आय ₹5,600 दर्ज बताई गई है।
₹2.43 करोड़ की संपत्तियां फ्रीज
पुलिस का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों, वित्तीय विश्लेषण और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर लगभग ₹2.43 करोड़ मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियों को प्रथमदृष्टया अवैध रूप से अर्जित संपत्ति मानते हुए NDPS Act के अध्याय V-A के तहत फ्रीज किया गया है। आगे की कार्रवाई के लिए मामला Competent Authority & Administrator, New Delhi को भेजा गया है।
आरोपी पर अन्य मामले भी दर्ज
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी हेमंत शर्मा के विरुद्ध धर्मपुर थाना सहित विभिन्न थानों में NDPS Act, आबकारी अधिनियम तथा मारपीट से जुड़े कुल पांच मामले दर्ज हैं।
वर्ष 2026 की कार्रवाई
सोलन पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक तीन मामलों में 17 आरोपियों एवं सहयोगियों की ₹3.59 करोड़ से अधिक मूल्य की कथित अवैध संपत्तियों को फ्रीज किया जा चुका है।
पुलिस ने कहा कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान, वित्तीय जांच, फ्रीजिंग तथा जब्ती की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि ऐसे अपराधों के आर्थिक नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
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