भूकंप पर आधारित मेगा मॉक ड्रिल का सफल आयोजन
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सोलन, 06 जून 2025

आज सोलन जिले में भूकंप से निपटने के लिए एक वृहद मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस बारे में जानकारी देते हुए उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने बताया कि राज्य स्तरीय इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई की तैयारियों को परखना और आपसी समन्वय को मजबूत करना था।
उन्होंने बताया कि इस मॉक ड्रिल के लिए जिले के आठ प्रमुख स्थानों को चिन्हित किया गया था। इनमें सोलन स्थित क्षेत्रीय अस्पताल, सेंट ल्यूक्स स्कूल, सब्जी मंडी के समीप पुलिस पेट्रोल पंप और आनंद कॉम्पलेक्स, नालागढ़ के औद्योगिक क्षेत्र और नागरिक अस्पताल, कसौली के चक्की मोड़, अर्की की ग्राम पंचायत चमयावल के शारदा पुल और नागरिक अस्पताल अर्की शामिल रहे।
मनमोहन शर्मा ने कहा कि इस अभ्यास के जरिए विभिन्न विभागों की प्रतिक्रिया क्षमताओं का मूल्यांकन किया गया, साथ ही कमियों को चिन्हित कर उन्हें सुधारने के लिए कदम उठाए गए। उन्होंने बताया कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विभागों के बीच बेहतर तालमेल, उपकरणों का कुशल प्रयोग, जनहानि में कमी और महत्वपूर्ण संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
अभ्यास के दौरान एक परिकल्पना के तहत जानकारी दी गई कि धर्मपुर के पास 7.8 तीव्रता का भूकंप आया है, जिससे जिले में कई स्थानों पर भारी नुकसान हुआ। इसके बाद, सूचना केंद्र को विभिन्न स्थानों से क्षति की सूचनाएं प्राप्त हुईं, जैसे कि क्षेत्रीय अस्पताल सोलन का भवन ढहना, चक्की मोड़ पर भूस्खलन, सेंट ल्यूक्स स्कूल और नागरिक अस्पताल अर्की का आंशिक ध्वस्त होना, शारदा पुल के समीप नुकसान, नालागढ़ अस्पताल में क्षति और खेड़ा स्थित HPCL डिपो में गैस रिसाव की घटना।
जैसे ही यह सूचनाएं मिलीं, प्रशासन, पुलिस, संबंधित विभागों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की संयुक्त टीमें तुरंत मौके पर रवाना हुईं। घायलों को प्राथमिक उपचार देकर नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों में भर्ती कराया गया। मृतकों को निकालने और आवश्यक राहत पहुंचाने की कार्रवाई भी तेजी से की गई। पेयजल, बिजली और स्वास्थ्य जैसी जरूरी सेवाओं को पुनर्स्थापित करने के प्रयास किए गए।
मॉक ड्रिल के बाद आयोजित डी-ब्रीफिंग सत्र में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सलाहकार मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) सुधीर बहल ने अभ्यास के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की।
अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान सामने आई खामियों को शीघ्र सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भूकंप के साथ-साथ आगजनी, भूस्खलन और गैस रिसाव जैसी आपदाओं में राहत एवं बचाव की रणनीति का भी परीक्षण किया गया।
ड्रिल में लगभग 12,000 लोगों को प्रभावित मानते हुए राहत कार्यों को अंजाम दिया गया। इस अभ्यास में गृह रक्षा से संतोष कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार चंदेल, सहायक आयुक्त नरेन्द्र चौहान, सेना के प्रतिनिधि लेफ्टिनेंट कर्नल विक्रम जीत, जिला राजस्व अधिकारी सुमेध शर्मा समेत कई विभागों और स्वयंसेवी संगठनों ने हिस्सा लिया।
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