निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने हेतु 18 नवाचार: मनमोहन शर्मा
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सोलन | दिनांक 30.05.2025
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता अनुभव को बेहतर बनाने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से 18 नए नवाचारों की शुरुआत की गई है। यह जानकारी आज सोलन के उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मनमोहन शर्मा ने दी।
उन्होंने बताया कि ये नवाचार छह प्रमुख श्रेणियों में वर्गीकृत किए गए हैं, जिनमें मतदाता सुविधा, राजनीतिक दलों के साथ समन्वय, प्रक्रियागत सुधार, विधिक पहलू, चुनाव कर्मियों का सशक्तिकरण तथा आयोग के प्रशासनिक सुधार शामिल हैं।
मनमोहन शर्मा ने कहा कि मतदाताओं की सुविधा सर्वोपरि है। इसी के मद्देनज़र प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा तय की गई है ताकि मतदान व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित हो सके। साथ ही, बहुमंजिला इमारतों और बड़ी रिहायशी कॉलोनियों में अतिरिक्त मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूचियों को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाए रखने के लिए अब मृत्यु पंजीकरण की जानकारी सीधे रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया के डाटाबेस से प्राप्त की जाएगी, जिससे मृतकों के नाम मतदाता सूची से समय पर हटाए जा सकेंगे।
राजनीतिक दलों के साथ बेहतर समन्वय के लिए देशभर में 4719 सर्वदलीय बैठकें आयोजित की गई हैं, जिनमें 28,000 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। हिमाचल प्रदेश में इस संदर्भ में अब तक 57 बैठकें की गईं, जिनमें 200 राजनीतिक प्रतिनिधियों की भागीदारी रही। बूथ स्तर के एजेंटों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं ताकि स्थानीय स्तर पर चुनाव प्रबंधन को मजबूत किया जा सके।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनावी सेवाओं को एकीकृत रूप से उपलब्ध कराने हेतु एक नया ईसीआई नेट डैशबोर्ड शुरू किया गया है। साथ ही, हर मतदाता पहचान पत्र को अद्वितीय बनाकर डुप्लीकेट ईपीआईसी नंबर की समस्या का समाधान किया जा रहा है।
विधिक जानकारी के क्षेत्र में, आयोग ने 28 प्रमुख हितधारकों की पहचान की है, जिनमें मतदाता, निर्वाचन अधिकारी, राजनीतिक दल और उम्मीदवार शामिल हैं। इनके लिए जनप्रतिनिधित्व अधिनियम एवं चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों पर आधारित प्रशिक्षण सामग्री तैयार की जा रही है।
चुनाव कर्मियों के सशक्तिकरण पर बल देते हुए मनमोहन शर्मा ने कहा कि बीएलओ को मानक फोटो पहचान पत्र दिए जा रहे हैं, और अब तक 3000 से अधिक बूथ पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण मिल चुका है। भविष्य में एक लाख से अधिक पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित करने की योजना है।
इसके अतिरिक्त, राज्य मीडिया और सोशल मीडिया नोडल अधिकारियों के लिए भी विशेष सत्र आयोजित किए गए हैं। प्रशासनिक सुधारों के अंतर्गत आयोग कार्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली और ई-ऑफिस व्यवस्था लागू की गई है।
मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदाता सूचना पर्ची को और अधिक स्पष्ट बनाया गया है, जिसमें क्रम संख्या और भाग संख्या प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएगी।
श्री मनमोहन शर्मा ने कहा कि ये सभी प्रयास चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और आधुनिक बनाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीमती नंदिता गुप्ता के अनुसार हिमाचल प्रदेश इन नवाचारों को सफलतापूर्वक लागू करने में अग्रणी बनने हेतु प्रतिबद्ध है।
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