ज़िला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक आयोजित
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सोलन, 27 मई 2025
उपायुक्त सोलन, श्री मनमोहन शर्मा ने कहा कि ज़िले के सभी बैंक कृषि एवं इससे जुड़े क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने हेतु अधिक ऋण प्रदान करें, ताकि इस क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को मज़बूती मिल सके और रोज़गार के नए अवसर सृजित किए जा सकें। वे यहां आयोजित ज़िला स्तरीय सलाहकार समिति की 179वीं त्रैमासिक बैठक तथा यूको ग्रामीण स्वरोज़गार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों में वित्तीय समझ विकसित करना आवश्यक है और इसके लिए स्कूलों में वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित किए जाएं।
बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत योजना, जन धन योजना, जन सुरक्षा योजना, मुद्रा योजना, स्टैंड अप इंडिया योजना, डॉ. वाई.एस. परमार ऋण योजना और फसल बीमा योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने पर बल दिया गया। उन्होंने ‘घर-घर के.सी.सी.’ अभियान को गति देने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए।
उपायुक्त ने बैंकों को किसानों के लिए अधिक क्रेडिट कार्ड जारी करने, कृषि उपकरणों हेतु ऋण उपलब्ध करवाने और लघु उद्योगों को सहयोग देने की दिशा में कार्य करने को कहा।
बैठक में ऋण वितरण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने यूको आरसेटी को कृषि व्यवसाय से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की संभावनाएं तलाशने को कहा, ताकि युवाओं को स्वरोज़गार के लिए प्रेरित किया जा सके।
भारतीय रिज़र्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक श्री राहुल जोशी ने बैंकों को समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने और खंड स्तर पर होने वाले प्रशिक्षणों में भाग लेने को कहा।
यूको बैंक की अग्रणी ज़िला प्रबंधक श्रीमती तमन्ना मोदगिल ने बताया कि मार्च 2025 तक राष्ट्रीय ग्रामीण स्वरोज़गार मिशन के अंतर्गत 771 स्वयं सहायता समूहों को कुल 27.09 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है।
बैठक में यह भी बताया गया कि ज़िले में अब तक 9390 किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं। साथ ही ऑनलाइन बैंकिंग पर भी विशेष चर्चा हुई।
यूको आरसेटी की निदेशक श्रीमती मीनू बारियां ने बताया कि संस्थान द्वारा मार्च 2025 तक कई व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिनमें ब्यूटी पार्लर प्रबंधन, फास्ट फूड स्टॉल, मधुमक्खी पालन, डेयरी फार्मिंग, वर्मी कंपोस्ट, कंप्यूटर लेखांकन, मशरूम उत्पादन, महिला सिलाई प्रशिक्षण, कृषि व्यवसाय, जूट उत्पाद निर्माण, सॉफ्ट खिलौने निर्माण, हाउस वायरिंग और एलएमवी ड्राइविंग शामिल हैं। इच्छुक युवक-युवतियां अपनी रुचि के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।
इस अवसर पर ज़िला परिषद अध्यक्ष श्री रमेश ठाकुर, नाबार्ड के ज़िला विकास प्रबंधक श्री अशोक चौहान, कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. देव राज कश्यप सहित विभिन्न विभागों व बैंकों के अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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