बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए पूरी तरह कांग्रेस सरकार जिम्मेदार : डॉ. बिंदल
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शिमला – भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राज्य में जिस तरह पुलिस विभाग के भीतर टकराव की स्थिति बनी हुई है, उससे स्पष्ट होता है कि प्रशासनिक हालात बेकाबू हो चुके हैं और इसके लिए जिम्मेदारी सीधे तौर पर सरकार की बनती है।
बिंदल ने कहा कि शिमला के एसपी द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई अहम सवाल उठाए गए हैं। एसपी ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), मुख्य सचिव, पूर्व डीजीपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों और जांचों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इससे साफ है कि पुलिस महकमा खुद ही गंभीर मतभेदों और आंतरिक संघर्षों से जूझ रहा है।
विमल नेगी की मौत पर सवाल
डॉ. बिंदल ने कहा कि एसपी ने विमल नेगी की रहस्यमयी मौत से जुड़े मामलों की जांचों को लेकर कई आपत्तियां और सवाल उठाए हैं, वहीं डीजीपी ने भी एसपी के खिलाफ बयान दिए हैं। यह स्थिति प्रदेश में कानून व्यवस्था की गिरती हालत की गवाही देती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध, हत्या, बलात्कार और नशे के मामलों में वृद्धि हुई है। पुलिस अधिकारी खुद इस बात का संकेत दे रहे हैं कि नशे के कारोबार को बढ़ावा देने वाले लोग पुलिस मुख्यालय तक में मौजूद हैं।
पुलिस में आपसी टकराव, जनता असहाय
डॉ. बिंदल ने कहा कि पुलिस के अधिकारी आपस में जिस तरह से टकरा रहे हैं, वह किसी सीमा विवाद जैसी स्थिति उत्पन्न कर रहा है। ऐसे में प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि सरकार कहां खड़ी है?
डॉ. बिंदल के पांच सवाल सरकार से:
1. क्या शिमला एसपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस मुख्यमंत्री की जानकारी या अनुमति से हुई थी?
2. क्या डीजीपी द्वारा की गई टिप्पणियों से मुख्यमंत्री अवगत हैं?
3. क्या सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच का टकराव जनता की सुरक्षा से ऊपर हो गया है?
4. क्या इन आपसी झगड़ों में आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में नहीं पड़ रही है?
5. इस हालात के लिए जिम्मेदार कौन है?
कांग्रेस सरकार पर सीधा हमला
डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान स्थिति के लिए केवल कांग्रेस सरकार, मुख्यमंत्री और उनके मंत्री ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने विमल नेगी केस में सरकार पर तथ्यों को छुपाने और जांच को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। हाईकोर्ट द्वारा सीबीआई जांच के आदेश के बाद कई और तथ्य सामने आ रहे हैं, जिससे सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने पूछा कि यदि सरकार अपील नहीं कर रही तो फिर पीआईएल क्यों दाखिल हो रही है, और पुलिस विभाग उसमें अतिरिक्त दस्तावेज क्यों जोड़ने की बात कर रहा है? यह केवल एक मामला नहीं, बल्कि प्रदेश की समग्र स्थिति को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह विभाग के अंतर्गत पुलिस विभाग में जिस तरह की खींचतान सामने आई है, वह बेहद चिंताजनक है। अब सरकार को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है कि क्या वह सत्ता में बने रहने की स्थिति में है?
डॉ. बिंदल ने अंत में कहा कि जनता जवाब मांग रही है, और यह सिलसिला ज्यादा समय तक नहीं चलेगा। विमल नेगी मामले में न्यायपालिका द्वारा दिए गए आदेशों का पूरी तरह से पालन होना चाहिए और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ जनहित के खिलाफ होगी।
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