हिमाचल में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था पर सरकार की चुप्पी: चौधरी
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प्रदेश में भ्रष्टाचार का बोलबाला, सरकार बनी मूकदर्शक: चौधरी
शिमला: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है, लेकिन सरकार को इस ओर कोई चिंता नहीं है। उनका ध्यान केवल अपने हित साधने तक सीमित है।
सुखराम चौधरी ने कहा कि प्रदेश में अपराध और भ्रष्टाचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो कि गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने हाल ही में ऊना स्थित केंद्रीय सहकारी बैंक (केसीसीबी) की शाखा में हुए कथित घोटाले का जिक्र किया, जहां नियमों को दरकिनार कर एक होटल व्यवसायी को 20 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया। इस मामले में बैंक प्रबंधन द्वारा अपनी नीति और भारतीय रिजर्व बैंक व नाबार्ड के दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया गया। सहकारिता सचिव की शिकायत पर विजिलेंस ने होटल व्यवसायी युद्ध चंद बैंस और बैंक अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार के तहत मामला दर्ज किया है।
उन्होंने हमीरपुर जिले के एसवीएन कॉलेज ऑफ एजुकेशन पर भी गंभीर आरोप लगाए। कॉलेज पर फर्जी अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र के आधार पर डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (D.El.Ed) पाठ्यक्रम की मान्यता प्राप्त करने का आरोप है। जांच में पाया गया कि अग्निशमन विभाग द्वारा ऐसा कोई प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया था।
सुखराम चौधरी ने कहा कि भ्रष्टाचार का दायरा केवल शिक्षा और बैंकिंग तक सीमित नहीं है। पानी की पाइपलाइनों से लेकर बिजली, शराब, ईंट-पत्थर जैसे क्षेत्रों में भी भ्रष्टाचार व्याप्त है। लेकिन राज्य सरकार इन मुद्दों पर पूरी तरह से मौन है और कोई ठोस कदम उठाने में असमर्थ नजर आ रही है।
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