धर्मपुर में प्रतिबंधित लकड़ी कटान: जांच में अनियमितताओं का खुलासा
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धर्मपुर में प्रतिबंधित लकड़ी की कटाई की जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं, लेकिन समिति को ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जिससे यह सिद्ध हो सके कि प्रक्रिया के नियमों का उल्लंघन किया गया है। भाजपा द्वारा गठित जांच समिति के अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने यह बयान दिया।
स्थानीय लोगों के आरोप और टिप्पणियां
स्थानीय निवासियों ने कांगड़ा के एक व्यक्ति का नाम लिया, जिसकी गतिविधियों पर संदेह जताया गया है। उन्होंने बताया कि 2-3 स्थानों पर नियमों की अनदेखी की गई। सत्ती ने आरोप लगाया कि जेसीबी मशीनों का उपयोग करके लकड़ियों को जमीन में छिपाने की कोशिश की गई।
जांच के दौरान निरीक्षण
समिति ने धर्मपुर उपमंडल के बहरी गांव में कई स्थानों का दौरा किया, जहां लकड़ी के बड़े ढेर और प्रतिबंधित लकड़ी पाई गई। हालांकि, इन लकड़ियों का स्वामित्व किसी ने स्पष्ट नहीं किया। स्थानीय लोगों का कहना था कि यह डिपो कांगड़ा के एक व्यक्ति का है, लेकिन वैध अनुमति पत्र (परमिट) दिखाने में असमर्थता जताई गई।
अवैध कटान का खुलासा
जांच के दौरान नदी किनारे और अन्य स्थानों पर लकड़ी को छिपाने और दबाने के प्रयास मिले। सत्ती ने कहा कि बड़ी मात्रा में लकड़ी, जिनमें प्रतिबंधित प्रजातियां भी शामिल हैं, को जमीन में दबाने और छुपाने का प्रयास किया गया। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि रात के समय बिजली काटकर जेसीबी से लकड़ियों को हटाया गया।
समिति की कार्रवाई
सत्ती ने बताया कि लकड़ी कटान के नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। उनकी टीम ने इस पूरी स्थिति का निरीक्षण किया और घटनास्थल की तस्वीरें व रिपोर्ट पार्टी को सौंपने का निर्णय लिया है।
समिति ने इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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