भूस्खलन से नालागढ़-शिमला हाईवे बंद, जलभराव से बढ़ी परेशानी
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नालागढ़-शिमला हाईवे पर भूस्खलन से संकट, 30 पंचायतों का संपर्क प्रभावित
नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र के कुम्हारहट्टी में पहाड़ी खिसकने से नालागढ़-शिमला स्टेट हाईवे का करीब 100 से 150 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर नीचे धंस गया। भूस्खलन का मलबा प्राकृतिक जल निकासी मार्ग में जमा होने से सड़क के आसपास बड़े हिस्से में पानी इकट्ठा हो गया है। हालात ऐसे हैं कि प्रभावित क्षेत्र में झील जैसी स्थिति बन गई है।
सड़क के धंसने के कारण रामशहर होकर होने वाला यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। वहीं, जमा पानी के कारण सड़क और आसपास की जमीन पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। इससे सड़क की बहाली के साथ-साथ पानी की सुरक्षित निकासी प्रशासन के लिए अहम चुनौती बन गई है। हाईवे बंद होने से करीब 30 पंचायतों का नालागढ़ से सीधा संपर्क प्रभावित हुआ है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात पहाड़ी का एक हिस्सा खिसकने के बाद सड़क का बड़ा भाग नीचे बैठ गया। भूस्खलन से निकला मलबा पानी के प्राकृतिक बहाव के रास्ते में पहुंच गया, जिसके चलते पानी जमा होने लगा। लगातार हुई बारिश ने पहले से कमजोर पहाड़ी की स्थिति को और खराब कर दिया।
नालागढ़-शिमला स्टेट हाईवे औद्योगिक क्षेत्र को रामशहर के रास्ते शिमला और आसपास के इलाकों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों की दैनिक आवाजाही पर भी असर पड़ा है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद विधायक हरदीप सिंह बावा, नालागढ़ के एसडीएम नरेंद्र आहलूवालिया, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने भूस्खलन से प्रभावित हिस्से, धंसी सड़क और जमा पानी का जायजा लिया। इसके बाद सड़क को बहाल करने और पानी की निकासी के लिए आवश्यक काम शुरू करवाया गया।
एसडीएम नरेंद्र आहलूवालिया ने बताया कि सड़क के पास बने झीलनुमा क्षेत्र से पानी की नियंत्रित निकासी देर शाम शुरू कर दी गई है। मौसम साथ देता है और मौके पर परिस्थितियां सामान्य बनी रहती हैं, तो आगे की कार्रवाई तेजी से की जाएगी।
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