ई-टेंडरिंग पर जयराम के गंभीर आरोप
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दफ्तर से ही ई-टेंडरिंग का आरोप, जयराम ठाकुर ने कैग रिपोर्ट का हवाला दिया
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मानसून सत्र के अंतिम दिन विधानसभा में पेश की गई नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की ऑडिट रिपोर्ट को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में राज्य के वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी कई खामियां सामने आई हैं।
जयराम ठाकुर के अनुसार, सरकारी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में वस्तुओं, सेवाओं तथा निर्माण कार्यों की खरीद के लिए अपनाई जाने वाली ई-प्रोक्योरमेंट व्यवस्था में भी अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में एक ही आईपी एड्रेस से अलग-अलग बोलियां दाखिल की गईं और कई बोलियों के बीच अंतर भी बेहद कम था।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की स्थिति विभागीय स्तर पर ठेकेदारों के साथ मिलीभगत की आशंका पैदा करती है। उनका कहना था कि कैग के निष्कर्षों से यह सवाल उठता है कि क्या विभागीय कार्यालयों में उपलब्ध संसाधनों और नेटवर्क का इस्तेमाल कर कुछ लोग वहीं से ई-टेंडर प्रक्रिया में भाग लेते रहे और ठेके हासिल करते रहे।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कैग की रिपोर्ट में ऑनलाइन टेंडरिंग, सरकारी खरीद में पारदर्शिता और टैक्स संग्रह समेत वित्तीय व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं में कमियां दर्ज की गई हैं। उनके मुताबिक इन खामियों का सीधा असर राज्य के राजस्व पर पड़ा और सरकार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
जयराम ठाकुर ने सरकार से इन अनियमितताओं के कारणों को स्पष्ट करने की मांग की और कहा कि मुख्यमंत्री को प्रदेश की जनता के सामने इस संबंध में स्थिति साफ करनी चाहिए।
उन्होंने वित्तीय प्रबंधन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि रिपोर्ट के अनुसार करीब 438 करोड़ रुपये ऐसे खर्च किए गए जिनके लिए बजट प्रावधान नहीं था। वहीं, लगभग 673 करोड़ रुपये की योजनाओं के लिए प्रावधान किया गया, जबकि संबंधित राशि खर्च नहीं हुई।
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