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अंतर्राष्ट्रीय बधिर जागरूकता सप्ताह के तहत सोलन में जागरूकता शिविर

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सोलन, 03 सितंबर 2026। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, सोलन की ओर से अंतर्राष्ट्रीय बधिर जागरूकता सप्ताह के अवसर पर दुर्गा पब्लिक स्कूल, सोलन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य उपस्थित लोगों को श्रवण क्षमता में कमी के कारणों, इसकी रोकथाम, शुरुआती स्तर पर पहचान, उपचार तथा बधिर एवं श्रवण बाधित व्यक्तियों के अधिकारों के बारे में जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम में ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. सुप्रिया अटवाल ने बधिर जागरूकता सप्ताह के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सुनने से जुड़ी समस्याएं किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती हैं। बच्चों में जन्मजात कारणों के अतिरिक्त कान के संक्रमण, अत्यधिक शोर के संपर्क, कान में चोट, कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारणों से भी श्रवण क्षमता प्रभावित हो सकती है।

डॉ. अटवाल ने बच्चों की श्रवण क्षमता की समय पर जांच कराने को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सुनने में कमी का शीघ्र पता लगने पर उचित उपचार और चिकित्सकीय मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सकता है। जरूरत के अनुसार श्रवण यंत्र तथा पुनर्वास सेवाओं की सहायता से बच्चे की शिक्षा, विकास और दैनिक जीवन में आने वाली परेशानियों को कम किया जा सकता है।

उन्होंने लोगों को कानों की देखभाल के संबंध में भी सावधान किया। उन्होंने कान में किसी भी प्रकार की अनावश्यक वस्तु डालने से बचने, कान में संक्रमण होने पर समय रहते उपचार लेने तथा तेज आवाज से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने विशेष रूप से लगातार तेज आवाज में संगीत सुनने और ईयरफोन अथवा हेडफोन के अत्यधिक या गलत इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि तेज ध्वनि के स्तर के साथ-साथ उसके संपर्क में रहने की अवधि का भी ध्यान रखना चाहिए।

इस दौरान बधिर एवं श्रवण बाधित लोगों के अधिकारों पर भी चर्चा की गई। डॉ. अटवाल ने कहा कि ऐसे व्यक्तियों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उनके साथ सम्मान और संवेदनशीलता से व्यवहार करना समाज की जिम्मेदारी है। संवाद की आवश्यकता होने पर सांकेतिक भाषा, लिखित संवाद या परिस्थिति के अनुरूप किसी अन्य संचार माध्यम का इस्तेमाल किया जा सकता है।

दुर्गा पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को स्वास्थ्य से जुड़े विषयों की व्यावहारिक जानकारी देने वाले ऐसे कार्यक्रम काफी लाभकारी हैं। उन्होंने भविष्य में भी विद्यालय में इसी तरह की स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने का आग्रह किया।

स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की कि यदि किसी बच्चे या वयस्क में सुनने की क्षमता कम होने के संकेत नजर आएं तो इसे सामान्य समस्या समझकर टालना नहीं चाहिए। ऐसी स्थिति में समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच करवाकर आवश्यक सलाह और उपचार लेना चाहिए।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से स्वास्थ्य शिक्षिका पदमवती नेगी और बीसीसी कोऑर्डिनेटर राधा चौहान मौजूद रहीं। विद्यालय की ओर से प्रधानाचार्य, शिक्षकगण और अन्य स्टाफ सदस्य भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

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