सरकारी और निजी अस्पतालों में डेंगू रोकथाम अभियान तेज
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एसएएस नगर, 21 अगस्त: जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे “हर शुक्रवार डेंगू ’ते वार” अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने शुक्रवार को कई सरकारी और निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल परिसर में पानी जमा होने की संभावित जगहों की जांच की गई। जहां ठहरा हुआ पानी मिला, वहां कीटनाशक का छिड़काव किया गया।
स्वास्थ्य टीमों ने गमलों, कूलरों, फ्रिज और अन्य पानी जमा करने वाले बर्तनों व सामान की भी जांच की। अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन और आम लोगों से अपील की कि ऐसी किसी भी जगह पर पानी जमा न होने दें, जहां मच्छरों के पनपने की संभावना हो।
एक निजी अस्पताल के निरीक्षण के दौरान जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गिरीश डोगरा और जिला नोडल अधिकारी डॉ. अनामिका सोनी ने बताया कि पंजाब सरकार के निर्देशों के अनुसार जिले में कई सप्ताह से डेंगू विरोधी गतिविधियां लगातार जारी हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं और मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर उन्हें समाप्त करने का प्रयास कर रही हैं। नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ चालान भी किए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार सर्वे के दौरान कूलर, फूलों के गमले, फ्रिज, डिब्बे, कंटेनर और अन्य वस्तुओं में जमा पानी की जांच की जाती है ताकि डेंगू मच्छर के लार्वा का पता लगाया जा सके। उन्होंने बताया कि अनुकूल परिस्थितियों में लार्वा कुछ ही दिनों में मच्छर में विकसित हो सकता है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि एडीज एजिप्टी मच्छर डेंगू का प्रमुख वाहक है। यह मच्छर सामान्यतः दिन के समय सक्रिय रहता है और साफ पानी के ठहराव वाली जगहों पर प्रजनन करता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे कूलर और पानी के बर्तनों को नियमित रूप से खाली कर साफ करें तथा गमलों और अन्य स्थानों पर पानी जमा न होने दें।
सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंगू की जांच और उपचार निःशुल्क उपलब्ध है। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी या सहायता के लिए विभाग की 104 हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है।

डेंगू के प्रमुख लक्षण
डेंगू एक वायरल बीमारी है जो संक्रमित एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलती है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, मतली तथा उल्टी शामिल हैं। गंभीर स्थिति में नाक, मुंह या मसूड़ों से खून आने जैसी समस्या भी हो सकती है।
फोटो कैप्शन: स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल परिसर का निरीक्षण करते हुए और लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करते हुए।
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