सीआईपीएमसी, सोलन द्वारा सब्जियों पर दीर्घकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम (एसएलटीपी) का आयोजन
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प्रकाशन की तिथि——–07/01/2026
प्रेस नोट
सीआईपीएमसी, सोलन द्वारा सब्जियों पर दीर्घकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम (एसएलटीपी) का आयोजन

सोलन। केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र (CIPMC), चंबाघाट, सोलन द्वारा दीर्घकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम (Season Long Training Programme- SLTP) का आयोजन होटल सगुन पैलेस, ओचघाट, सोलन में 5 जनवरी 2026 से 3 फरवरी 2026 तक किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सब्जियों में एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन (Integrated Pest Management–IPM) विषय पर आधारित होगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य कृषि विभाग, राज्य बागवानी विभाग एवं डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के 40 अधिकारियों एवं तकनीकी कर्मचारियों का पंजीकरण किया गया।
उद्घाटन समारोह मुख्य अतिथि डॉ. जे. पी. सिंह, वनस्पति संरक्षण सलाहकार, वनस्पति संरक्षण, संगरोध एवं संग्रह निदेशालय, भारत सरकार, की गरिमामयी उपस्थिति में दिनांक 06/01/2026 को आयोजित किया गया। इसके अतिरिक्त समारोह में डॉ. संतोष गुप्ता, संयुक्त निदेशक कृषि, हिमाचल प्रदेश, डॉ. इंद्र देव, विस्तार शिक्षा निदेशक, डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी तथा डॉ. सुनीता पांडेय, संयुक्त निदेशक, आईपीएम प्रभाग, मुख्यालय, फरीदाबाद भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहें।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिमाचल प्रदेश राज्य के कृषि और उद्यान विभाग के अधिकारियों, तकनीकी कर्मियों एवं अन्य संबंधित हितधारकों को कीट एवं रोग प्रबंधन की वैज्ञानिक, आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों की जानकारी प्रदान करना है। प्रशिक्षण के दौरान कीटों की पहचान, आर्थिक क्षति स्तर, कृषि पारिस्थितिकी तंत्र विश्लेषण (एईएसए), जैविक एवं यांत्रिक नियंत्रण विधियां, सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण तरीकों से रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग तथा उत्पादन लागत कम करने के उपायों पर विशेष बल दिया जाएगा। अपने मुख्य भाषण में, डॉ. जे. पी. सिंह, वनस्पति संरक्षण सलाहकार, वनस्पति संरक्षण, संगरोध एवं संग्रह निदेशालय, भारत सरकार, ने राज्य के कृषि और बागवानी अधिकारियों के बीच वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला तथा प्रतिभागियों को NPSS ऐप के बारे में जागरूक किया और प्रतिभागियों से इस अवसर का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत सैद्धांतिक व्याख्यानों के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण, क्षेत्र भ्रमण एवं प्रदर्शन भी शामिल किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागी एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन तकनीकों को खेत स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करवा सकें। सीआईपीएमसी, सोलन द्वारा आयोजित यह दीर्घकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों की आय में वृद्धि, पर्यावरण संरक्षण तथा सुरक्षित एवं टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम का समापन डॉ. स्वरूप कुमार, वनस्पति संरक्षण अधिकारी (ई), सीआईपीएमसी, सोलन द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने उद्घाटन समारोह की सफलता में योगदान देने वाले सभी गणमान्य व्यक्तियों, प्रशिक्षुओं और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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