गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सरकार प्रतिबद्ध: हर्षवर्द्धन चौहान
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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदेश सरकार की प्राथमिकता – हर्षवर्द्धन चौहान
शूलिनी विश्वविद्यालय में मनाया गया ‘विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2025’
उद्योग, संसदीय कार्य एवं श्रम-रोज़गार मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी स्तरों पर गुणवत्तापूर्ण और व्यावहारिक शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस दिशा में सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग और समन्वय आवश्यक है।
वे सोलन स्थित शूलिनी विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज़ द्वारा आयोजित ‘विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2025’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में आज कई सरकारी और निजी संस्थान युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने में योगदान दे रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि सभी संस्थान मिलकर युवाओं को अधिक अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें।
उन्होंने बताया कि शूलिनी विश्वविद्यालय को देश और विदेश में अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान प्राप्त है और उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में भी इस दिशा में अग्रणी रहेगा।
हर्षवर्द्धन चौहान ने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ हैं। उनकी भूमिका केवल दवाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सुरक्षित उपचार, जन-जागरूकता और स्वास्थ्य अभियानों में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्टों के सहयोग से स्वास्थ्य सेवाएं जन-जन तक पहुँचाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
इस वर्ष के विश्व फार्मासिस्ट दिवस का विषय ‘थिंक हेल्थ, थिंक फार्मासिस्ट’ रखा गया है, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका और विश्वसनीयता को रेखांकित करता है।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। हिमाचल प्रदेश को आज फार्मा हब के रूप में जाना जाता है। बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में लगभग 600 से अधिक फार्मा कंपनियां सक्रिय हैं, जिनसे प्रतिवर्ष लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की दवाओं का उत्पादन होता है।


उन्होंने कहा कि बी.फार्मा और एम.फार्मा की पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए प्रदेश में रोज़गार के सुनहरे अवसर मौजूद हैं। ऊना में बल्क ड्रग पार्क और सोलन में मेडिकल डिवाइस पार्क का निर्माण युवाओं के लिए हजारों रोजगार के अवसर सृजित करेगा। प्रदेश सरकार व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से युवाओं को स्वावलंबी और कुशल बनाने पर बल दे रही है।
उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे नशे से दूर रहकर अपने जीवन का उद्देश्य तय करें और एक सकारात्मक व जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज के विकास में योगदान दें।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने शूलिनी विश्वविद्यालय के ए.आई. फ्यूचर सेंटर का निरीक्षण किया तथा फूड प्रोसेसिंग एवं नवाचार केंद्र का शुभारंभ किया। लगभग 75 लाख रुपये की लागत से बने इस केंद्र में ड्राई फूड, जूस, सॉस, जैम जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में रुद्राक्ष का पौधा भी रोपित किया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. खोसला ने मंत्री का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंत्री के मार्गदर्शन में शीघ्र ही शिमला में विश्वविद्यालय एवं उद्योगपतियों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी, जिससे छात्रों के कौशल विकास और रोजगार अवसरों में वृद्धि होगी।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. सुनील पुरी, प्रो-चांसलर विशाल आनंद, एस.डी. मेहता, सरोज खोसला, महाप्रबंधक सुरेंद्र ठाकुर, एस.डी.एम. डॉ. पूनम बंसल सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, छात्र एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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