मोदी सरकार में अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की ऐतिहासिक प्रगति : अनुराग सिंह ठाकुर
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23 अगस्त 2025, हिमाचल प्रदेश: नेशनल स्पेस डे के अवसर पर ऊना जिले के पेखूबेला स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्रों को संबोधित करते हुए हमीरपुर से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
श्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 मिशन की सफलता के साथ भारत न केवल चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा देश बना, बल्कि दक्षिणी ध्रुव के नजदीक लैंडिंग करने वाला पहला देश भी बन गया। यह सफलता हमारे वैज्ञानिकों की कठोर मेहनत और दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में स्पेस सेक्टर को नए अवसरों के लिए खोला और आज भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। आने वाले वर्षों में इसका आकार 8 अरब डॉलर से बढ़कर 44 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। 2013-14 में जहाँ भारत का स्पेस बजट ₹5,615 करोड़ था, वहीं अब यह बढ़कर ₹13,416 करोड़ हो चुका है।
उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने Axiom-4 मिशन में भाग लेकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा की, जिससे वे ऐसा करने वाले पहले भारतीय बने। आने वाले समय में भारत को अपने अंतरिक्ष अभियानों के लिए 40 से 50 प्रशिक्षित अंतरिक्ष यात्रियों की आवश्यकता होगी।
पिछले दस वर्षों में भारत ने कई नई उपलब्धियाँ हासिल की हैं — सौर मिशन आदित्य-एल1 का प्रक्षेपण, विदेशी उपग्रहों के लिए लॉन्च सेवाएँ उपलब्ध कराना, PSLV की मदद से 400 विदेशी सैटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च करना, एक ही मिशन में 104 उपग्रहों को भेजना, पहला निजी रॉकेट ‘विक्रम-एस’ का प्रक्षेपण, सफल स्पेस डॉकिंग प्रयोग, और री-यूज़ेबल लॉन्च व्हीकल (RLV) का परीक्षण। इसके अतिरिक्त, गगनयान मिशन के लिए ₹20,193 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। भारत का लक्ष्य 2035 तक अपना स्वयं का अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करना और 2040 तक मानवयुक्त चंद्रमा मिशन को पूरा करना है।
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