प्रदेश सरकार का संकल्प — गुणवत्तायुक्त दवाओं का उत्पादन सुनिश्चित करना
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सोलन, 24 मई 2025
हिमाचल प्रदेश सरकार प्रदेश और देश में उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन और राज्य औषधि नियंत्रण प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं। यह जानकारी राज्य दवा नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने साझा की।
डॉ. कपूर ने बताया कि प्रदेश में निर्मित दवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए न केवल दवा निर्माताओं को नियमित रूप से जागरूक किया जाता है, बल्कि समय-समय पर औचक निरीक्षण और सैंपलिंग भी की जाती है। दवा नियंत्रण प्रशासन द्वारा औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि उच्च गुणवत्ता वाली दवाओं का उत्पादन बाधित न हो। साथ ही, थोक और खुदरा दवा विक्रेताओं के भी समय-समय पर निरीक्षण किए जाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश एशिया के दवा उत्पादन हब के रूप में उभर रहा है और सरकार गुणवत्ता तथा पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में कंडाघाट में स्थापित कम्पोजिट टेस्टिंग लैब तथा एक अत्याधुनिक उपकरणों से लैस दूसरी प्रयोगशाला सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। नियमित जांच का उद्देश्य मानकों से कम गुणवत्ता वाली दवाओं की पहचान करना है।
डॉ. मनीष कपूर ने कहा कि केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन के सहयोग से दवाओं की गुणवत्ता के बारे में जागरूकता बढ़ाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि बिना आधार के दवाओं की गुणवत्ता को लेकर गलत सूचना फैलाने से प्रदेश की छवि प्रभावित होती है और लोगों में भ्रम उत्पन्न होता है। वास्तव में हिमाचल प्रदेश की दवाओं की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं है। इसके विपरीत, पिछले वर्ष में 20 ऐसे मामले सामने आए हैं जहां अन्य राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक और पंजाब में निम्न गुणवत्ता वाली दवाओं का उत्पादन हुआ, जिनपर हिमाचल प्रदेश के दवा उद्योग का झूठा लेबल लगाया गया था। इन मामलों से प्रदेश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की साजिश प्रतीत होती है।
वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य दवा नियंत्रण प्रशासन और केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने मिलकर 90 निरीक्षण किए और 45 ऐसे दवा निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई जो नियमों और लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन कर रहे थे। इसके अतिरिक्त, राज्य दवा नियंत्रण प्रशासन ने अकेले 23 दवा निर्माण इकाइयों के खिलाफ भी कार्रवाई की है।
डॉ. कपूर ने अंत में कहा कि प्रदेश सरकार लगातार दवा उत्पादन के क्षेत्र में सुधार एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।
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