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भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश

संपादकीय लेख – भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल जी

भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100वीं जयंती 25 दिसंबर 2024 को मनाई जाएगी। यह एक ऐसा अवसर है जब हम उस महान नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, जिन्होंने आज़ाद भारत में नए कीर्तिमान स्थापित किए। 1947 से पहले, भारत का नेतृत्व महात्मा गांधी के हाथों में था, और कांग्रेस पार्टी ने स्वतंत्रता संग्राम के नेतृत्व का कार्य किया। लेकिन आज़ादी के बाद, जवाहरलाल नेहरू ने कांग्रेस को सत्ता में बनाए रखा और इसका उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया।

अटल जी पहले नेता थे जिन्होंने भारतीय दृष्टिकोण और विचारधारा पर आधारित शासन की आवश्यकता का प्रतिपादन किया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं. दीनदयाल उपाध्याय द्वारा स्थापित भारतीय जनसंघ को अटल जी ने 1950 के दशक में नेतृत्व किया। 1957 में वे पहली बार लोकसभा के सांसद बने और उनकी वाकपटुता, कवि हृदय और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें पूरे देश में प्रसिद्ध कर दिया।

अटल जी की नेतृत्व क्षमता ऐसी थी कि वे केवल भारतीय जनसंघ या भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों के ही नहीं, बल्कि विपक्षी नेताओं और सामान्य जनों के भी प्रिय थे। उनका भाषण और विचारधारा सभी को आकर्षित करती थी। वे जब तक जीवित रहे, भारतीय राजनीति में सक्रिय रहे।

1975 में जब इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया, अटल जी, आडवाणी जी और अन्य जनसंघ नेताओं को जेल में डाला गया, लेकिन अटल जी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए पार्टी को जनता पार्टी में विलय कर दिया। 1977 में जब देश में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार बनी, मुरारजी भाई देसाई ने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली, और अटल जी ने विदेश मंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया।

1980 में भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ और अटल जी इसके पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। उनके नेतृत्व में पार्टी ने 1996 तक अपनी सीटों की संख्या 200 के करीब पहुंचाई और अटल जी ने पहली बार प्रधानमंत्री की कुर्सी को सुशोभित किया। उनका व्यक्तित्व और चरित्र उस समय का उदाहरण बना, जब उन्होंने मात्र एक वोट से अपनी सरकार गिरने के बाद, कोई तख्तापलट न करते हुए, लोकतंत्र की मर्यादा बनाए रखी और त्यागपत्र दे दिया।

1997-98 में अटल जी ने प्रधानमंत्री पद पर पुनः शपथ ली और भारत को परमाणु शक्ति बनाने का ऐतिहासिक कदम उठाया। 1998 में पोखरण में किए गए परमाणु परीक्षण ने भारत को वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित किया। अटल जी ने देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए और पूरी दुनिया के दबाव का सामना किया।

ग्रामीण विकास के प्रति अटल जी की प्रतिबद्धता भी थी। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण को प्रोत्साहित किया, जिससे सम्पर्क मार्गों का जाल फैलने लगा। उनकी सरकार में खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि हुई और गरीबों के लिए अन्न योजना जैसे कल्याणकारी कार्यक्रम शुरू किए गए।

अटल जी का योगदान केवल राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने भारत की सांस्कृतिक धरोहर और भाषाओं के संरक्षण के लिए भी कार्य किया। उनका व्यक्तित्व, उनके विचार और उनका नेतृत्व भारतीय राजनीति के लिए अमूल्य धरोहर है।

अटल जी का नेतृत्व देश के लिए प्रेरणा स्रोत बना, और उनके द्वारा उठाए गए कदमों ने देश को प्रगति की नई दिशा दिखाई। हम उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उनके रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हैं।

डॉ. राजीव बिंदल
भा.ज.पा. प्रदेश अध्यक्ष
हिमाचल प्रदेश
09816829999

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